
सांकेतिक तस्वीर।
तेहरान/वाशिंग्टन। अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते को लेकर पहले से ही जारी तनातनी के बीच मंगलवार को अमेरिकी नौसेना ने ईरान के एक जहाज को फारस की खाड़ी में अपने एक समुद्री ड्रोन पर कब्जा करने से रोक दिया। बताया जा रहा है कि ईरानी जहाज अमेरिका के इस ड्रोन को चुराने की कोशिश कर रहा था। इस बीच अमेरिकी नौसेना सतर्क हो गई और अपने युद्धपोतों को भेज ईरानी जहाज को खदेड़ दिया। यह घटना ईरान से सटे फारस की खाड़ी की बताई जा रही है। फारस की खाड़ी दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा आयात रूट है,इसीलिये अमेरिकी नौसेना का पांचवा बेड़ा इस इलाके में हमेशा गश्त करता रहता है।
दरअसल,अमेरिकी नौसेना के एक वरिष्ठ कमांडर के हवाले से दावा किया गया है कि मंगलवार की रात लगभग 11 बजे ईरान के ईरान रिवोल्यूशनरी गार्ड ने फारस की खाड़ी में अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े द्वारा संचालित एक सेलड्रोन अनमैंड सरफेस वेसल पर कब्जे का प्रयास किया। जहां इस दौरान अमेरिकी नौसेना के एक नेवल पेट्रोल बोट ने ईरानी शिप को पीछा किया,जिसके बाद वे अमेरिकी ड्रोन को वहीं छोड़कर भाग गए।
इतना ही नहीं अमेरिकी नौसेना के कोस्टल पेट्रोल शिप यूएसएस थंडरबोल्ट (पीसी -12) को तुरंत उस जहाज का पीछा करने का आदेश भी दिया गया। जहां इस दौरान अमेरिकी नौसेना के हेलीकॉप्टर सी कॉम्बैट स्क्वाड्रन 26 ने हालात पर आसमान से नजर रखने के लिए एक अज्ञात स्थान से एमएच -60 एस सी हॉक ड्रोन को लॉन्च किया। बता दे कि अमेरिका के 5वीं फ्लीट और हेलीकॉप्टर सी कॉम्बैट स्क्वाड्रन 26 दोनों का मुख्यालय बहरीन में है और यह अरब की खाड़ी से संचालित होती है। लगभग चार घंटों तक एक दूसरे का पीछा करने के बाद ईरानी सपोर्ट वेसल ने अमेरिकी सरफेस वेसल को छोड़ दिया और उस इलाके से दूर भाग गया। वहीं इस घटनाक्रम में यूएस के 5वीं फ्लीट के कमांडर वाइस एडमिरल ब्रैड कूपर ने ईरान की इस हरकत की निंदा करते हुए इसे गैर पेशेवर हरकत करार दिया।
