
सांकेतिक तस्वीर।
अंकारा। दुनिया में जारी जंगी तनातनी के बीच अब तुर्की और ग्रीस के बीच भी भीषण तनाव बढ़ने की रिपोर्ट सामने आई है। जहां इस दौरान तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन ने भूमध्य सागर में जारी तनाव को लेकर ग्रीस को धमकाते हुए कहा कि अगर एजियन द्वीप को लेकर तुर्की के विमानों को परेशान करना जारी रहा तो ग्रीस को भारी कीमत चुकानी होगी। वहीं,एर्दोगन के इस चेतावनी को काउंटर करने के लिए ग्रीस ने भी भूमध्य सागर से लगी सीमा पर अपनी एअर पेट्रोलिंग बढ़ा दी है।
दरअसल,हाल ही में ग्रीस ने तुर्की के एफ-16 लड़ाकू विमानों पर एस-300 मिसाइल सिस्टम के रडार के जरिए टारगेट किया था लेकिन टर्कीश विमानों को जैसे ही पता चला कि वे दुश्मन के टारगेट पर है बिना देर किये वे अपनी सीमा में भाग गए। हालांकि, बाद में तुर्की के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया था कि उनके लड़ाकू विमान अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र में उड़ान भर रहे थे और ग्रीस ने उन्हें जानबूझकर परेशान किया।
बता दे कि एर्दोगन ने काला सागर क्षेत्र में एक रैली में कहा, ”अरे ग्रीस, इतिहास पर एक नज़र डालो,अगर तुम आगे जाते हो तो इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।” उन्होंने ग्रीस के मिसाइल तानने की घटना का भी जिक्र करते हुए कहा कि इस तरह के कदम शांति प्रयासों को कमजोर करते हैं। एर्दोगन ने 1922 में एजियन तट पर तुर्की सेना के शहर में प्रवेश करने के बाद ग्रीक कब्जे के अंत का जिक्र करते हुए कहा कि हमारे पास ग्रीस को बताने के लिए केवल एक शब्द है: ‘इज़मिर’। द्वीपों पर आपका कब्जा हमें रोक नहीं सकता है।
इतना ही नहीं एर्दोगन ने आगे भी ग्रीस को धमकाते हुए कहा कि जब समय आएगा,हम वह करेंगे जो आवश्यक होगा। जैसा कि हम कहते हैं,हम एक रात अचानक आ सकते हैं। इससे पहले जून में,तुर्की के विदेश मंत्री मेवलुत कावुसोग्लू ने कहा था कि ग्रीस अगर विवादित द्वीपों पर सेना भेजना जारी रखता है तो उनका देश ग्रीस की संप्रभुता को चुनौती देगा। मालूम हो कि ग्रीस और नाटों में भूमध्य सागर में द्वीपों को लेकर बहुत पुराना विवाद है। दोनों देश पिछले साल तो इन द्वीपों को लेकर जंग के कगार पर पहुंच गए थे। तब फ्रांस ने अपनी ताकत का इस्तेमाल करते हुए तुर्की को विवादित इलाके से पीछे ढकेला था।
बताते चले कि हाल ही में ग्रीस के एफ-16 फाइटेर एअरक्राफ्ट ने तुर्की के एफ-16 विमानों को गठबंधन के मिशन के दौरान परेशान किया था। जहां ग्रीस की तरफ से दावा किया गया कि तुर्की के लड़ाकू विमानों ने बिना पूर्व सूचना के अमेरिका के बी-52 बॉम्बर के साथ आए,जबकि इसकी जरूरत नहीं थी। साथ ही वह इलाका ग्रीस के विमानों के नियंत्रण में था। वहीं,ग्रीस के रक्षा मंत्रालाय ने भी कहा कि उसके चार लड़ाकू विमानों ने तुर्की के विमानों का पीछा किया और इसकी जानकारी एथेंस में नाटों और अमेरिकी अधिकारियों को भी दी गई है। फिलहाल,इस पूरे घटनाक्रम को लेकर तुर्की अब ग्रीस पर सरप्राइज अटैक करने की धमकी दिया है,जहां अब ग्रीस भी अलर्ट पर है और उसके जंगी विमान इलाकें में गश्त बढ़ा दिये है। ऐसे में जहां एक तरफ दुनिया रूस-यूक्रेन जंग और चीन-ताइवान के बीच जारी तनातनी तथा इजरायल और ईरान के बीच परमाणु समझौता को लेकर जारी तनाव का सामना कर रही है तो वही अब तुर्की और ग्रीस भी वाॅर फ्रंट पर आमने-सामने होते दीख रहे हैं,ऐसे में अब आगे क्या होगा ? कुछ बता पाना मुश्किल है।
