स्पेशल रिपोर्ट

आॅपरेशन ‘कैक्टस’ जैसे बेहद मुश्किल टास्क को पूरा करने वाले INS गोमती पोत को 34 साल बाद किया गया सेवामुक्त, जल्द ही इसे लखनऊ में गोमती नदी के किनारे बने संग्रहालय में रखा जायेगा – नित्यानंद दूबे (स्पेशल एडिटर)


फाईल फोटो।

नई दिल्ली। भारतीय नौसेना की शान रहे “INS गोमती” पोत को आज 34 साल की सेवा के बाद सेवामुक्त कर दिया गया। बता दे कि गोदावरी श्रेणी के निर्देशित-मिसाइल पोत ‘आईएनएस गोमती’ इंडियन नेवी के तमाम ऐतिहासिक आॅपरेशन में सबसे बेहतरीन पोत साबित रहा।

बताया जा रहा है कि ऑपरेशन कैक्टस, पराक्रम और रेनबो जैसे बेहद मुश्किल टास्क को पूरा करने में इस पोत का अतुलनीय सहयोग रहा। शनिवार को इस पोत को यहां नौसैन्य डॉकयार्ड में सूर्यास्त के समय सेवामुक्त कर दिया गया।

इस दौरान यह भी रिपोर्ट सामने आई है कि इस पोत की विरासत को लखनऊ में गोमती नदी के तट पर तैयार किए जा रहे एक खुले संग्रहालय में रखा जाएगा,जहां उसकी कई युद्धक प्रणालियों को सैन्य तथा युद्ध अवशेषों के रूप में प्रदर्शित किया जाएगा।

वहीं उत्तर प्रदेश सरकार और भारतीय नौसेना ने इसके लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। ‘आईएनएस गोमती’ का नाम गोमती नदी के नाम पर रखा गया। गौरतलब है कि 16 अप्रैल,1988 को तत्कालीन रक्षा मंत्री के सी पंत ने मझगांव डॉक लिमिटेड, बंबई में सेवा में शामिल किया था।

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