
सांकेतिक तस्वीर।
मुंगेंर/पटना। बिहार पुलिस की STF ने एक लाख का इनामी वांटेड नक्सली गोपाल दास को बिहार के बक्सर स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया है। बता दे कि ADG आॅपरेशन व मुंगेर एसपी के निर्देश पर एसटीएफ की विशेष टीम ने इस आॅपरेशन को बिना किसी नुकसान के सफलता पूर्वक पूरा किया।
बताते चले कि श्यामपुर थाना क्षेत्र के गोवड्डा गांव का रहने वाला गोपाल दास पर हवेली खड़गपुर सहित भागलपुर जिले के अकबर नगर थाने में कई गंभीर मामले दर्ज हैं। जिसे राज्य की पुलिस लंबे अरसे से तलाश कर रही थी। जहां अब राज्य पुलिस की STF की स्पेशल टीम ने गिरफ्तार कर लिया है।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस की तरफ से दावा किया गया कि वांटेड नक्सली गोपाल दास की तलाश की जा रही थी। जहां इस दौरान पुलिस को पुख्ता जानकारी मिली थी कि गोपाल दास बक्सर स्टेशन के पास है। इसी कड़ी में आगे यह भी कहा गया कि बीएमपी के अस्थाई कैंप पर हमला में भी यह शामिल था। 2018 में खड़गपुर थाना क्षेत्र में राम कृपाल कंस्ट्रक्शन कंपनी के चार मजदूरों का फिरौती के लिए अपहरण करने का भी आरोप है। इस दौरान कंस्ट्रक्शन कंपनी की चार पोकलेन दो हाइवा व बाइक को भी नक्सलियों ने जला दिया था। कार की ओर से गोपालदास पर एक लाख का ईनाम रखा गया था। पूछताछ में गोपालदास ने कई अहम जानकारियां भी दी है। गोपाल दास से मिले इनपुट पर पुलिस काम कर रही है।
दरअसल,10 वर्ष पहले नक्सलियों ने शाहकुंड-अकबरनगर मार्ग स्थित एक यात्री शेड में चल रहे अस्थाई बीएमपी कैंप पर हमला किया था। शाहकुंड और अकबरनगर की दिशा से दो सवारी गाड़ी से कई नक्सली पहुंचे थे।हथियारबंद नक्सलियों ने उतरते ही अंधाधुंध गोलियां दागते हुए धावा बोल दिया था। हमले में तब संतरी ड्यूटी में तैनात विश्राम कुजूर, विश्व मोहन प्रसाद समेत तीन सिपाही गोली लगते ही गिर पड़े थे। जवान संभलते तब तक नक्सलियों ने उन्हें कवर कर लिया था। वहां मौजूद चार सेल्फ लोडिंग राइफल, दो स्टेनगन, चार हैंड ग्रेनेड, करीब छह सौ चक्र कारतूस नक्सलियों ने लूट लिया था। एक-दो जवानों के हथियार इसलिए तब बच गया थे कि जवानों ने बिस्तर के अंदर छिपा रखा था। घटना के चश्मदीद बीएमपी हवलदार गोवर्धन झा के फर्द बयान पर 50 अज्ञात नक्सलियों पर केस दर्ज किया गया था। जांच में हार्डकोर नक्सली बीरबल मुर्मू, भीम तूरी, सुरेश कोड़ा सहित अन्य का नाम आया था।
