
सांकेतिक तस्वीर।
लंदन/कीव। रूस-यूक्रेन के बीच यूक्रेन के मददगार देश ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने बड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि रूस अपने नुकसान पर चुप नहीं बैठ सकता,वो यूक्रेन के खिलाफ अब नई चाल चलेगा। ऐसे में वह आबादी वाले इलाकों में अब हमले तेज कर सकता है।
दरअसल,रूस-यूक्रेन की लड़ाई अब छह महीने से अधिक हो चली है,जहां इस दौरान यूक्रेन ने रूस को कड़ी टक्कर देते हुए रूस के सैनिकों द्वारा हथियाए गए खार्किव सहित कई इलाकों पर कब्जा जमा लिया है। लेकिन ये हिस्से बुरी तरह से तबाह हो गए हैं। ऐसे में ब्रिटिश डिफेंस मिनिस्ट्री ने साफ कर दिया है कि अपनी इस हार के बाद रूस अब और ज्यादा आक्रामक हो सकता है,और वह अब यूक्रेन के नागरिक ठिकानों पर अपने हमले बढ़ा सकता है।
वहीं, यूक्रेन में बैकफुट पर चल रहे रूस पर परमाणु हमला करने का दबाव बढ़ गया है,क्योंकि रूस के तमाम मीडिया हाउस में यूक्रेन पर परमाणु हमला करने के लिए लगातार डिबेट चल रहा है। जिसे देखते हुए अमेरिका ने रूस को धमकाते हुए कहा है कि परमाणु हमला का परिणाम बेहद भयावह होगा। लेकिन परिस्थितियां साफ संकेत दे रही है कि निकट भविष्य में पुतिन किसी भी समय परमाणु हमला का आदेश दे सकते हैं। शायद यही वजह है कि यूक्रेन के मित्र देश यूक्रेन पर रूस द्वारा घातक हमलों को लेकर चिंतित हैं।
गौरतलब है कि हाल ही में यूक्रेन की सेना ने विशेष रणनीति के तहत रूसी फौज पर हमला करके कई इलाकों से उन्हें पीछे हटने के लिए मजबूर कर दिया। जिनमें खारकीव समेत कई इलाकें है जहां पर यूक्रेन ने अपना विजय पताका पहरा दिया है। इतना ही नहीं अब क्रीमिया पर भी यूक्रेन का खतरा मंडरा रहा है, क्योंकि अब ऐसी भी खबरें आ रही है कि यूक्रेन क्रीमिया पर भी हमला कर सकता है। ऐसे में यदि पहले से ही जंगी दबाव झेल रहे पुतिन परमाणु हमला का आदेश देते हैं तो निश्चित रूप से सेकेंड वर्ल्ड वार से भी ज्यादा खतरनाक तबाही मच सकती है।
