एक्सक्लूसिव रिपोर्ट

एक दिन पहले NIA द्वारा PFI के खिलाफ देशव्यापी की गई छापेमारी के विरोध में संगठन के समर्थकों ने काटा बवाल, RSS के दफ्तर पर फेंका बम, पुलिस पर भी किया हमला – हेमंत सिंह/नित्यानंद दूबे


सांकेतिक तस्वीर।

नई दिल्ली। एक दिन पहले NIA द्वारा प्रतिबंधित संगठन PFI के खिलाफ 11 राज्यों में 93 ठिकानों छापेमारी के बाद शुक्रवार को पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) ने केरल बंद बुलाया। इस दौरान संगठन के कार्यकर्ता हिंसक हो गए। उन्होंने राज्य की राजधानी तिरुवनंतपुरम और कोट्टयम में कई सरकारी बसों और गाड़ियों में तोड़फोड़ की।

इतना ही नहीं कन्नूर के मट्टनूर में स्थित RSS ऑफिस पर भी पेट्रोल बम भी फेंके गए। हालांकि, इसमें किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। वहीं इस हिंसक झड़प में राज्य पुलिस की तरफ से बताया गया कि कोल्लम में मोटरसाइकिल सवार PFI कार्यकर्ताओं ने 2 पुलिसकर्मियों पर भी हमला किया है। जहां इस दौरान हिंसा में लिप्त करीब 500 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।

वहीं,केरल हाईकोर्ट ने राज्यव्यापी बंद बुलाने और PFI नेताओं के प्रदर्शन का स्वत: संज्ञान लेते हुए HC ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि कोई भी बिना अनुमति के बंद नहीं बुला सकता है। यही नहीं हाईकोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा कि गिरफ्तारियों के बाद ऐसा प्रदर्शन ठीक नहीं।
उधर,हिंसा की रिपोर्ट सामने आने पर कांग्रेस ने शुक्रवार को भारत जोड़ो यात्रा रोक दी है।

दरअसल, PFI बीते कुछ समय से देश के खिलाफ घातक साजिश रचने में जुटी हुई थी, जिसमें देश व देश के बाहर से बड़ा फंड जुटाना, मुस्लिम नवयुवकों को बरगलाकर खूंखार आतंकी संगठनों में भर्ती करना आदि इस तरह की गतिविधियों के बारे केंद्रीय गृह मंत्रालय के संज्ञान में आया,जहां मंत्रालय के विशेष निर्देश पर केंद्रीय ऐजेंसी NIA ने इस घटनाक्रम से संबंधित कई मामले दर्ज कर कार्यवाही शुरू कर दी। लेकिन हड़कंप तब मचा जब एक दिन पहले ऐजेंसी ने एक साथ देश के कई राज्यों में छापेमारी करते हुए सैकड़ों लोगों को गिरफ्तार किया। जिसके बाद संगठन के तमाम समर्थक शुक्रवार को ऐजेंसी की कार्यवाही के विरोध में बंद बुलाने के साथ हिंसक घटनाओं को अंजाम दिया।

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