
सांकेतिक तस्वीर।
तेहरान। हाल ही में ईरान में महसा अमीनी की पुलिस हिरासत में मौत के बाद से भीषण दंगे की आग से जल रहे ईरान ने सोमवार को देश के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के हवाले से पहली बार इस पूरे घटनाक्रम पर बयान जारी करते हुए महसा अमीनी की मौत को अफसोसजनक बताया और देश में जारी भीषण दंगों के लिए ‘विदेशी साजिश’ को जिम्मेदार ठहराया है,इस दौरान उन्होंने अमेरिका और इजरायल पर देश में हिंसा भड़काने का आरोप लगाया। बता दे कि ईरान में जारी दंगों में अब तक 92 लोगों की मौत हो चुकी है। दरअसल,महसा को ठीक तरह से हिजाब न पहनने के लिए हिरासत में लिया गया था जहां बीते 16 सितंबर को 22 वर्षीय इस युवती की पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी जिसके बाद ही ईरान में दंगे शुरू हो गए।
बता दे कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने हिजाब के खिलाफ प्रदर्शन पर कहा कि युवती की मौत मेरे लिए भी दिल तोड़ने वाली थी। लेकिन जांच से पहले उसके मौत को लेकर जो प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, दंगे हो रहे हैं और असुरक्षा फैलाई जा रही है, कुरान और मस्जिदों का अपमान किया जा रहा है, ये सामान्य नहीं है और पूरी तरह से संयोजित है जिसके लिए अमेरिका और इजरायल जिम्मेदार है।
खामनेई ने आगे भी कहा कि यह दंगा अमेरिका और इजरायल की ओर से सुनियोजित था। इतना ही नहीं खामेनेई ने यह भी दावा किया कि मैं स्पष्ट रूप से कहता हूं इन दंगों और असुरक्षा के पीछे अमेरिका और इजरायल का हाथ था जिसमें उनके लिए भाड़े पर काम करने वालों और विदेशों में कुछ ईरानी गद्दारों ने उनकी मदद की है,हमने कई दंगे देखे, खासकर फ्रांस में, क्या अमेरिका ने उनमें से किसी में मदद मुहैया कराई ? उधर,ईरान के विदेश मंत्रालय ने भी कहा है कि इस्लामिक रिपब्लिक महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करने के मामले में रोल मॉडल है और ये हमारे मूल्यों में शामिल है।
गौरतलब है कि इजरायल और अमेरिका को ईरान हमेशा से ही कई कारणों से अपना सबसे बड़ा दुश्मन मानता है, जिसमें परमाणु मुद्दा प्रमुख रूप से शामिल हैं। यही कारण है कि अक्सर संदिग्ध परिस्थितियों में ईरान के वरिष्ठ अधिकारी व परमाणु वैज्ञानिक मारे जाते रहे हैं, जिसके लिए ईरान हमेशा इजरायली ऐजेंसी मोसाद को जिम्मेदार मानता रहा है। हालांकि, इस तरह के आरोपों का इजरायल ने कभी खंडन नहीं किया। आज जब ईरान भीषण दंगों की आग में जल रहा है तो इसके लिए भी वह इजरायल और अमेरिका को ही जिम्मेदार मान रहा है। फिलहाल, अभी तक ईरान के इस आरोप के संबंध में इजरायल और अमेरिका की तरफ से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
