
रूसी राष्ट्रपति पुतिन,फोटो साभार -(रूसी डिफेंस के टेलिग्राम के एकाउंट से)
मॉस्को। रूस-यूक्रेन जंग में हालात बहुत तेजी से बदलते दीख रहे हैं,क्योंकि रूस इस समय परमाणु हमले का अभ्यास शुरू कर दिया है। जहां इस न्यूक्लियर ड्रिल के दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन भी खुद मौजूद रहे। बता दे कि पुतिन ने बुधवार को देश के सामरिक परमाणु बल का अभ्यास देखा जिसमें बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों के प्रक्षेपण भी शामिल थे।
वहीं,रूस के रक्षा मंत्री सेरगेई शोईगु ने पुतिन को बताया कि रूस पर परमाणु हमला होने की स्थिति में दुश्मनों पर बड़े पैमाने पर परमाणु हमला करने का अभ्यास किया गया। इस युद्धाभ्यास में रूसी न्यूक्लियर फोर्सेज की तीनों यूनिट्स ने हिस्सा लिया। इसमें जल-थल और नभ से परमाणु हमला करने का भी अभ्यास किया गया। चूंकि,रूस के पास दुनिया में सबसे ज्यादा एक्टिव परमाणु बम हैं।
बता दे कि रूस का यह ड्रिल यूक्रेन में रूसी कार्रवाई को लेकर पश्चिमी देशों के साथ भीषण तनाव के बीच हुआ है। जहां क्रेमलिन ने एक बयान में कहा कि अभ्यास के लिए तय सभी लक्ष्य प्राप्त कर लिए गए और दागी गई सभी मिसाइलें निशाने पर लगीं। वहीं, अमेरिका का कहना है कि रूस ने इस अभ्यास के संबंध में उसे पहले से सूचित कर दिया था। ऐसी जानकारी दोनों देशों के बीच किसी गलतफहमी को रोकने के लिए दी जाती हैं।
दरअसल,अमेरिका और रूस दोनों के पास बैलिस्टिक मिसाइल ट्रैकर सैटेलाइट्स हैं। जो धरती के किसी भी हिस्से में लॉन्च की गई मिसाइलों को ट्रैक कर सकते हैं। अगर रूस बिना जानकारी दिए परमाणु मिसाइल के साथ अभ्यास करता तो इससे हमले की गलतफहमी पैदा हो सकती थी। ऐसे में अमेरिका भी जवाबी कार्रवाई करता जो दुनिया के लिए विनाशकारी परिणाम लेकर आते। शायद यही बड़ी वजह थी कि रूस ने अमेरिका को अपने इस न्यूक्लियर ड्रिल के बारे में बताकर फिर ड्रिल में जुटा। कहने को भले ही रूस ने इस ड्रिल की जानकारी अमेरिका को देते हुए इसे रूटिन ड्रिल बताया लेकिन हालात साफ संकेत दे रहे हैं कि रूस अब परमाणु हमले को लेकर पूरी तरह से तैयार हो चुका है।
