एक्सक्लूसिव रिपोर्ट

पुलवामा हमलें में मारे गए भारतीय सैनिकों का मजाक उड़ाना और जश्न मनाना पड़ा भारी, कोर्ट ने बेहद सख्ती के साथ कहा आरोपी “राशिद” का अपराध अक्षम्य – बृजेश उपाध्याय (ब्यूरो चीफ)


सांकेतिक तस्वीर।

बेंगलुरु/मुंबई। बेंगलुरु की स्पेशल कोर्ट ने एक इंजीनियरिंग स्टूडेंट को पुलवामा हमले में मारे गए भारतीय जवानों का मजाक उड़ाने और जश्न मनाने सहित कई अन्य आरोपों में बेहद सख्त रूख अपनाते हुए आरोपी छात्र को पांच साल की सजा सुनाई है। दोषी स्टूडेंट पर 2019 में पुलवामा अटैक में शहीदों का मजाक उड़ाने और जश्न मनाने का आरोप लगा था। दोषी का नाम फैज राशिद है और बेंगलुरु के कचरकनहल्ली का नागरिक है।

बता दे कि बेंगलुरु की सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) ने आरोपी राशिद जो कि तीसरे सेमेस्टर का स्टूडेंट है उसे न्यूज चैनलों के 24 अलग-अलग पोस्ट पर शहीदों के खिलाफ कमेंट करने के आरोप में गिरफ्तार किया था।

जहां कोर्ट ने आरोपी राशिद के अच्छे कैरेक्टर के आधार पर उसे रिहा करने से साफ इंकार करते हुए बेहद सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि आरोपी अनपढ़ या कोई नॉर्मल व्यक्ति नहीं है। वह एक इंजीनियरिंग का स्टूडेंट है। उसने जानबूझकर फेसबुक पर पोस्ट लिखा और पुलवामा अटैक में शहीद होने वाले जवानों का मजाक उड़ाया। यह एक जघन्य अपराध है, जिसे माफ नहीं किया जा सकता है।

दरअसल,राशिद के पोस्ट पर काफी बवाल मचा था। जिसके बाद पुलिस ने उसके फोन की फोरेंसिक जांच की। जहां उसपर देशद्रोह, धर्म के आधार पर दुश्मनी भड़काने, सबूत मिटाने, और गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होने समेत कुल 13 धाराओं में केस दर्ज किया था।

गौरतलब है कि 14 फरवरी 2019 को जम्मू कश्मीर के पुलवामा में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने CRPF के जवानों के काफिले पर हमला कर दिया था। इसमें एक बस को बम से उड़ा दिया था। हमले में CRPF के 40 जवान शहीद हो गए थे। हमले को आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के साथ मिलकर अंजाम दिया था। जहां इस घटना की जांच कर रही देश की केंद्रीय ऐजेंसी NIA ने 19 लोगों को इस हमले की साजिश रचने का आरोपी बनाया था, जिनमें से 6 को सेना ने मुठभेड़ में मार गिराया था।

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