
भारतीय सैनिक, सांकेतिक तस्वीर।
बीजिंग/इस्लामाबाद। भारत के खिलाफ चीन की एक और खतरनाक साजिश की रिपोर्ट सामने आई है जिसमें दावा किया गया है कि चीन भारतीय सैटेलाइटों को अंतरिक्ष के माध्यम से तमाम खुफिया जानकारियों से दूर रखना चाहता है। जहां इस दौरान चीन अपना अत्याधुनिक SLC-18 स्पेस सर्विलांस रडार पाकिस्तान को सप्लाई करने जा रहा है, जो कि भारत के लिए बुरी खबर है।
बता दे कि ज़ुहाई (गुआंगडोंग) में चल रहे चीन अंतर्राष्ट्रीय विमानन और एयरोस्पेस प्रदर्शनी में पहली बार इस रडार को सार्वजनिक प्रदर्शनी के लिए रखा है। जो कि यह 10 मीटर का SLC-18 रडार है, जो बहुत ही प्रभावी है। इस रडार ने हर तरह की स्थिति में कई लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) सैटेलाइट का भी पता लगाया है। चीन के इस रडार में पाकिस्तान की दिलचस्पी का एक कारण इसकी कीमत है। ये रडार बेहद सस्ते दाम पर उपलब्ध हैं। इस रडार को चीन की सरकारी कंपनी चीन इलेक्ट्रॉनिक्स टेक्नोलॉजी ग्रुप कॉर्पोरेशन (CETC) ने बनाया है। यही कंपनी चीनी सेना के लिए कई मिसाइल, रडार और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बनाती है।
इस बीच CETC के उप महाप्रबंधक सुन लेई के लिए हवाले यह कहा गया है कि यह रडार मित्र देशों को अंतरिक्ष में मौजूद टार्गेट का पता लगाने की सुविधा प्रदान करेगा। युद्ध के मैदान में भी ये संतुलन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सुन लेई के बयान को डीकोड करें तो पाकिस्तान के हर कदम पर भारत के सैटेलाइट निगरानी रख सकते हैं। लेकिन पाकिस्तान के पास ये ताकत नहीं है। विशेषज्ञों की माने तो अगर भारत और पाकिस्तान युद्ध के मैदान में आमने-सामने आते हैं,तो भारत के हर मूवमेंट पर दुश्मन नजर रख सकेगा। जो कि पहले से ही अंतरिक्ष में मौजूद भारतीय सेटेलाईट के लिए बड़ा झटका हैं।
