
शेख हसीना (फाईल फोटो)
ढाका। बांग्लादेश में एक बेहद खतरनाक साजिश की रिपोर्ट सामने आई है जिसमें दावा किया गया है कि विपक्षी पार्टी बीएनपी के एक शीर्ष नेता ने’1975 की पुनरावृत्ति’ की बड़ी धमकी दी है। वहीं अवामी लीग सरकार और देश की खुफिया एजेंसियां ‘रिपीट 1975 कॉल’ को हल्के में ले रही हैं। बता दे कि पिछले हफ्ते ढाका में नेशनल प्रेस क्लब के सामने एक रैली को संबोधित करते हुए, बीएनपी के एक विंग, वालंटियर फ्रंट के सचिव और इसके स्टूडेंट विंग छत्रदल के पूर्व अध्यक्ष अब्दुल कादर भुइयां ने पीएम शेख हसीना के परिवार के खिलाफ 1975 की पुनरावृत्ति का आह्वान किया।
इस दौरान भुइयां ने कहा कि हथियार उठाएं और एक और 1975 को दोहरा दें।, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के किसी भी शीर्ष नेता ने अभी तक न तो माफी मांगी है और ना ही भुइयां के खिलाफ कोई कार्यवाही का जिक्र किया है। जो कि साफ संकेत है कि बांग्लादेश के खिलाफ कोई बड़ी साजिश की संभावना है।
गौरतलब है कि बांग्लादेश के राष्ट्रपिता शेख मुजीबुर रहमान और उनका लगभग पूरा परिवार 1975 के सैन्य तख्तापलट में मारे गए थे। इसमें उनकी दोनों बेटियां हसीना और रेहाना बच गई थीं। हसीना 1975 के नरसंहार के छह साल बाद अवामी लीग का नेतृत्व करने और 1996 और 2009 में चुनावी जीत के लिए प्रेरित करने के लिए अपनी मातृभूमि लौट आईं और वह तब से सत्ता में हैं। 2004 में अवामी लीग की एक रैली में हुए जघन्य हथगोले हमले सहित हसीना की जान लेने के 39 से अधिक प्रयास पहले ही बच चुके हैं, जिसमें लगभग 32 नेता और कार्यकर्ता मारे गए। बीएनपी के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान को एक अदालत ने ग्रेनेड हमले की योजना बनाने में शामिल होने के लिए दोषी ठहराया है।
