
सांकेतिक तस्वीर।
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने अब बड़ा दावा करते हुए कहा है कि अमेरिका,इजरायल और भारत ने शहबाज शरीफ को प्रधानमंत्री बनाने के लिए मिलकर साजिश रची है। बता दे कि इमरान लगातार आरोप लगा रहे हैं कि उन्हें सत्ता से हटाने के पीछे अमेरिका का हाथ है, क्योंकि वह रूस से सस्ता तेल खरीदने के मिशन पर थे।
दरअसल,सत्ता से बेदखल हुए इमरान खान पाकिस्तान सरकार के खिलाफ लगातार आक्रामक दिख रहे हैं,जहां इस दौरान वें आये दिन देश में तमाम बयान एवं भाषण दे रहे हैं। इसी कड़ी में उन्होंने एक चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा कि ‘शहबाज को सत्ता में लाया गया,इसलिए नहीं कि वह अकलमंद है बल्कि इसलिए क्योंकि वह उनके (अमेरिका,इजरायल और भारत) सभी आदेशों का पालन करेंगे,जिसमें पहला आदेश पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोत्तरी का था।’ बता दे कि इमरान खान ये बातें खैबर पख्तूनख्वा के अपर डीर जिले में एक रैली के दौरान कहीं। आगे भी खान ने कहा, ‘जब भी आईएमएफ ने पीटीआई सरकार को पेट्रोल और बिजली की कीमतें बढ़ाने का आदेश दिया पूर्व सरकार कभी उनके दबाव के आगे नहीं झुकी।’
वहीं,हमारे विश्लेषण में इमरान खान का यह दावा खोखला व गैर तथ्ययुक्त नजर आ रहा है,जहां “सीक्रेट आॅपरेशन” न्यूज पोर्टल समूह इमरान के इस कथित दावें को सिरे से खारिज करता है। लेकिन एक बात तय है कि जिस तरह से इमरान खान शुरूआत से ही अमेरिका को टारगेट कर रहे हैं,इससे साफ है कि इमरान के पीछे बीजिंग है,इसके तमाम सांकेतिक साक्ष्य है जो कि इमरान के हरकतों को साबित करने के लिए पर्याप्त है,मसलन बीते महिने पहले जब इमरान के सत्ता बेदखली का अभियान चला था जहां उस दौरान एक कथित चिट्ठी का हवाला देकर इमरान बार बार अमेरिकी साजिश का जिक्र कर रहे थे,जहां उसी समय चीन ने कहा था कि अमेरिकी साजिश की वजह से बीजिंग इमरान खान के साथ है। चीन का यह बयान साबित करने के लिए काफी है कि वह इमरान की पूरी मदद कर रहा है।
