
ईरानी सैनिक,फोटो साभार -(ईरान के डिफेंस मिनिस्ट्री के ट्वीटर से)
तेल अवीव/तेहरान। इजरायल के लिए तेहरान से रविवार को बेहद बुरी खबर सामने आई है। दरअसल,ईरान में जासूसी के आरोप में रविवार को चार लोगों को फांसी पर लटका दिया गया। इन पर इस्राइल की खुफिया ऐजेंसी “मोसाद” के लिए जासूसी करने का आरोप लगाया गया था। ईरान के सुप्रीम कोर्ट ने इस्राइल की खुफिया ऐजेंसी मोसाद के लिए काम करने और लोगों का अपहरण करने के लिए इन्हें मौत की सजा सुनाई थी।
बता दे कि ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी “इरना” के हवाले से दावा किया गया है कि जिन कथित जासूसों को फांसी दी गई है,उनमें शाहीन इमानी मोहमदाबादी,हुसैन ओरदोखानजादा, मिलाद अशरफी और मनौचेहर शाहबंदी शामिल है,दरअसल रिवोल्यूशनरी गार्ड (ईरानी सेना) ने जासूसी के आरोप में इन्हें गिरफ्तार किया था और आरोप लगाया गया था कि इस्राइल की खुफिया ऐजेंसी मोसाद से जुड़े हुए थे। रिवोल्यूशनरी गार्ड ने इनके पास से हथियार और क्रिप्टोकरेंसी जब्त करने का भी दावा किया था,जो इन्हें मोसाद से हासिल हुआ था। हालांकि,ईरान के इस कार्यवाही पर इजरायल की तरफ से अभी तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
गौरतलब है कि मिडिल-ईस्ट में इजरायल और ईरान आपस में एक-दूसरे के कट्टर दुश्मन है। जहां इजरायल की खुफिया ऐजेंसी मोसाद ईरान के खिलाफ अक्सर तमाम सीक्रेट आॅपरेशन आपरेट करती रही है,जिसके चलते हाल के कुछ वर्षों में ईरान के कई परमाणु वैज्ञानिक व तमाम वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की मौतें भी हुई। वहीं इन मौतों के लिए तेहरान हमेशा मोसाद को हीं जिम्मेदार मानता रहा है। इतना ही नहीं ईरान में जारी हिजाब विरोधी प्रदर्शनों के लिए भी तेहरान अमेरिका और इजरायल को हीं दोषी ठहराता रहा है।हालांकि, इजरायल इस तरह के आरोपों का न तो कभी खंडन किया और ना ही कभी स्वीकार।
