एक्सक्लूसिव रिपोर्ट

घाटी में कश्मीरी पंडितों के बाद अब गैर कश्मीरी है आतंकियों के टारगेट पर, दी जा रही है लगातार धमकियां, ऐजेंसियां भी इस मुश्किल हालात से निबटने के लिए कर रही है रणनीतियों में बदलाव – नित्यानंद दूबे (स्पेशल एडिटर)


सांकेतिक तस्वीर।

नई दिल्ली/श्रीनगर। घाटी में स्थिति लगातार काबू से बाहर होती जा रही है,अभी तक तो कश्मीरी पंडित हीं टारगेट हो रहे थे, अब तो गैर कश्मीरी भी इन आतंकियों के निशाने पर आ गए हैं। हालांकि पहले भी गैर कश्मीरी टारगेट पर थे लेकिन इधर कुछ दिनों से उन पर भी शामत आ गई है। बता दे कि अभी 6 दिन पहले गुरुवार सुबह हनुमानगढ़ के विजय कुमार की आतंकी ने गोली मारकर हत्या कर दी,जिस वजह से अब वहां नौकरी कर रहे 250 से ज्यादा राजस्थानियों में भी दहशत देखने को मिल रही है। बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया के माध्यम से हर दिन उन्हें जान से मारने की धमकी दी जा रही है।

हालात तो अब ऐसे हो गए हैं कि वहां पर तमाम कंपनियों व बैंको में काम कर रहे लोग अपनी पहचान भी छुपाने को मजबूर हो रहे हैं। इसी कड़ी में एक और रिपोर्ट सामने आई है जिसमें दावा किया गया है कि विजय की हत्या के बाद इस तरह के लेटर गैर कश्मीरियों के लिए जारी किए जा रहे हैं। धमकाया जा रहा है कि वे यहां से चले जाएं, नहीं तो ऐसे अटैक जारी रहेंगे। धमकी दी जाती है कि अभी भी समय है घाटी छोड़कर चले जाएं, नहीं तो हमारी गोलियां खत्म नहीं हुई है। गैर कश्मीरियों के लिए लिखा जाता है कि कश्मीर में रहने वाले गैर कश्मीरी घाटी छोड़ दें। नहीं तो बैंक मैनेजर विजय के जैसा अगला नंबर उनका होगा। कश्मीर हमारा है, यहां हर चीज पर हमारा हक है। इंडिया को यहां से कुछ भी लूटने नहीं देंगे। अभी और हमले होंगे। तब तक होंगे जब तक कश्मीर आजाद न हो जाए।

वहीं एक अन्य जानकारी मे यह बात कही गई है कि राजस्थानी कर्मचारियों और गैर कश्मीरियों को जानबूझकर संवेदनशील ग्रामीण एरिया में पोस्टिंग दी जाती है। रहने-खाने के कोई इंतजाम भी नहीं होते हैं। आम कश्मीरी अलगाववादी हो या न हो पर वो इंडिया से नफ़रत करता है। ऐसे माहौल में रहना पड़ रहा है। आतंकी बुरहान वानी की मौत के बाद जब कश्मीर लम्बे टाइम तक बंद रहा था तो बैंक एडमिनिस्ट्रेशन ने गैर कश्मीरियों को सैलरी नहीं दी।

उधर,नई दिल्ली और श्रीनगर लगातार हालात पर पूरी नजर बनाये हुए हैं,संबंधित ऐजेंसियां पूरी सतर्कता के साथ अपने टास्क को अंजाम देने के मिशन पर लगातार सक्रिय है। लेकिन अफसोस आतंकी घाटी में पूरी तरह से दहशत का माहौल बनाने में लगातार सफल होते जा रहे हैं। जिस वजह से कश्मीरी पंडित पलायन को मजबूर हो रहे हैं।

गौरतलब है कि जबसे केंद्र में NDA सरकार आई है और धारा 370 खत्म किया गया उसके बाद ही घाटी में आतंकी मूवमैंट में बढ़ोत्तरी देखने को मिल रही है,दरअसल,पहले आतंकी आटोमेटिक हथियार लेकर चलते थे जो सुरक्षा एजेंसियों की नजर में आ जाते थे इसलिए अब आतंकियों ने अपनी रणनीति बदलते हुए छोटे हथियार यानि पिस्टलो का उपयोग करके दहशत का माहौल बनाने में जुटे हुए हैं,चूंकि छोटे हथियार आसानी से कही भी छुपाया जा सकता है जो कि सुरक्षाबलों की नजर में आने से बच सकते हैं। यहीं वजह है कि आतंकियों की इस रणनीति के चलते सुरक्षाबल इन आतंकियों को डिटेक्ट करने में कभी-कभार चूक जाते हैं। फिलहाल,घाटी में इस समय दहशत अपने चरम पर है जो कि सुरक्षाबलों व अन्य ऐजेंसियों के लिए मुश्किल टास्क साबित हो रहा है।

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