
भारतीय जवान, एक ड्रिल के दौरान, फोटो साभार-( इंडियन आर्मी के ईस्टर्न कमांड के ट्वीटर से)
वॉशिंगटन। इस महीने के बीते 9 दिसंबर को अरुणाचल प्रदेश के तवांग में भारत-चीन टकराव पर भारत के साथ एक बार फिर पूरी प्रतिबध्दता के साथ अमेरिका खड़ा दिख रहा है। इस दौरान अमेरिका ने चीन को चेताते हुए कड़ी चेतावनी दिया है कि यह चीन की आदत में शुमार हो गया है कि वह अमेरिकी साथियों के प्रति आक्रामकता की नीति अपना रहा है। व्हाइट हाउस की तरफ से इस बात पर भी खुशी जताई है कि चीनी सैनिकों को जल्द समझ आ गई है और वो पीछे हट गए। बता दे कि वर्ष 1962 के जंग के दौरान भी भारत के साथ अमेरिका पूरी ताकत के साथ खड़ा रहा, जबकि नई दिल्ली का सबसे अजीज दोस्त रूस उस जंग में भारत की किसी भी तरह से कोई मदद नहीं कर सका था। हालांकि, रूस यूक्रेन जंग के बीच रूस ने भारत को S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम की आपूर्ति भी किया है जिसकी तैनाती चीन के खिलाफ पूर्वी लद्दाख बार्डर पर और पाकिस्तान के बार्डर पर भारतीय सेना ने पहले से ही कर रखी है।
बता दे कि अमेरिका के डिफेंस डिपार्टमैंट “पेंटागन” के प्रेस सेक्रेटरी पैट राइडर के हवाले से मंगलवार को को कहा गया है कि तवांग में जो कुछ हुआ वह चीन की उसी आदत का प्रदर्शन है जिसके तहत वह अमेरिका के साथियों और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में उसके साथियों के लिए आक्रामक होने की प्रवृत्ति को रखता है। भारत इस दिशा में जो कुछ कर रहा है और स्थिति को जिस तरह से संभाल रहा है, वह वाकई काबिल-ए-तारीफ है।
वहीं,अमेरिका के विदेश विभाग ने भी भारत के साथ अपनी पूरी प्रतिबध्दता जाहिर करते हुए दावा किया है कि निश्चित तौर पर भारत, अमेरिका का अहम साझीदार है और हम इस स्थिति पर अपने दूतावास और विदेश विभाग के जरिए भारत के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए हैं। इसी कड़ी में अमेरिकी विदेश मंत्रालय के हवाले से आगे भी कहा गया कि अगर चीन ने किसी भी तरह से एकपक्षीय तरीके से एलएसी की स्थिति बदलने की कोशिश की या फिर सैन्य या असैन्य तरीके से घुसपैठ करके स्थिति को बिगाड़ने की कोशिश की तो अमेरिका उसका विरोध करेगा।
इस बीच व्हाइट हाउस में प्रेस सेक्रेटरी कैरी जीन पियरे के हवाले से भी यह कहा गया कि अमेरिका पूरी स्थिति पर करीब से नजर रखे हुए हैं,पियरे ने आगे भी बताया कि तवांग में हुए टकराव में चीन के काफी सैनिक घायल हुए हैं। जबकि घायल भारतीय सैनिकों की संख्या काफी कम है और उन्हें हल्की चोटें आई हैं। मालूम हो कि इसी महीने के बीते 9 दिसंबर को अरूणाचल प्रदेश के तवांग के यांगत्से में भारतीय सैनिकों ने बड़ी बहादुरी से चीनी सैनिकों को पीछे धकेल दिया था। हालांकि,इस दौरान दोनों देशों की सेनाओं के बीच मामूली झड़पें भी हुई थी जिसमें भारतीय सैनिकों के घायल होने की भी रिपोर्ट सामने आई थी लेकिन चीनी सैनिकों के भी घायल होने की ख़बर है, दावा है कि घायलों चीनी सैनिकों की संख्या है, भारतीयों की अपेक्षा अधिक है। चूंकि,चीन हमेशा अपने नुकसान को छुपाता रहा है।
