
फोटो (चीनी अखबार ग्लोबल टाइम्स के ट्वीटर से)
तवांग/बीजिंग। अरुणाचल प्रदेश के तवांग में बीते नौ दिसंबर को हुई झड़प के बाद दुश्मन ने एक मिलिट्री ड्रिल को अंजाम दिया है। जहां चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स की तरफ से दावा किया गया है कि यह ड्रिल दक्षिण पश्चिमी चीन के शिजांग (तिब्बत) में हुई है। इस ड्रिल के दौरान रॉकेट फायर करने से कई और हथियारों का प्रयोग किया गया था।
ग्लोबल टाइम्स ने आगे भी खुलासा किया कि पीएलए की शिजांग मिलिट्री कमांड की तरफ से इस ड्रिल का आयोजन किया गया था। दावा है कि इस ड्रिल में कई तरह के हथियारों का भी टेस्ट किया गया है। कहा जा रहा है कि इस ड्रिल में यह भी देखा गया कि 100 किलोमीटर दूर स्थित टारगेट को एक सिंगल सिस्टम की मदद से कैसे भेदा जा सकता है ?
इसी कड़ी में चीनी अखबार ने बटालियन कमांडर जियांग वेई के हवाले से आगे भी रिपोर्ट किया कि इस ड्रिल में हमला करने की क्षमता को खासतौर पर बढ़ाया गया है और अब चीनी सेना मुश्किल मौसम में भी हमले करने में सक्षम है। आगे भी कहा गया कि चीन की लंबी दूरी की रॉकेट आर्टिलरी टेक्नोलॉजी दुनिया में बेस्ट है। इसकी वजह से पीएलए को देश की रक्षा करने में मदद मिलेगी और वह संप्रभुता को सुरक्षित रख पाएगी।
गौरतलब है कि अरूणाचल प्रदेश के तवांग में बीते नौ दिसंबर को भारत और चीन के सैनिकों के बीच घुसपैठ करने को लेकर एक झड़प हुई थी, जहां इस दौरान भारी संख्या में चीनी सैनिकों के घायल होने की रिपोर्ट सामने आई, वहीं कुछ भारतीय जवानों के भी घायल होने की ख़बर थी। जहां झड़प के तुरंत बाद ही दोनों देशों के बीच क्षेत्रिय स्तर पर बातचीत किया गया। जिसके बाद घटनास्थल पर स्थिरता का दावा किया जा रहा है। जहां इस दौरान बेहद चौंकाने वाली जानकारी सामने आई कि इस गतिरोध को पीएलए की वेस्टर्न थियेटर कमांड ने अंजाम दिया था,जबकि चीन की तरफ से यह दावा किया गया कि घुसपैठ की घटना को भारतीय सेना अंजाम देने की कोशिश कर रही थी जिस वजह से यह टकराव हुआ। हालांकि, चीनी सेना का यह दावा पूरी तरह से झूठा और निराधार साबित हुआ।
