एक्सक्लूसिव रिपोर्ट

इजरायल के साथ जारी जंगी तनातनी के बीच ईरान ने मशहूर ईरानी लेखक को इजरायल के लिए जासूसी करने के आरोप में सुनाई फांसी, इससे पहले भी 4 लोगों को मोसाद का सीक्रेट ऐजेंट घोषित करते हुए दिया था फांसी की सजा – अमरनाथ यादव (डिप्टी एडिटर)


ईरानी सैनिक,एक ड्रिल के दौरान, फोटो साभार -(ईरानी डिफेंस के ट्वीटर से)

तेहरान। इजरायल के साथ जारी जंगी तनातनी के बीच ईरान के मशहूर लेखक मेहदी बहमन को इजरायली जासूस करार करते हुए ईरान ने मेहदी को मौत की सजा सुनाई है। बताया जा रहा है कि मेहदी बहमन ने इजरायल के एक टीवी चैनल को इंटरव्यू दिया था,जिसमें उन्होंने ईरान की सरकार की बुराई की थी। इस इंटरव्यू के तुरंत बाद हीं बहमन को गिरफ्तार कर लिया गया था। दरअसल,बहमन ने अपने इंटरव्यू में ईरान में इस्लामिक कानून लागू करने की निंदा की थी। साथ ही उन्होंने इजरायल और ईरान के बीच रिश्तों को ठीक करने पर जोर दिया था।

बता दे कि मेहदी बहमन ईरान के जाने-माने लेखक हैं। वो शिया धर्मगुरू मासूमी तेहरानी के साथ कई धर्मों से जुड़े आर्ट वर्क पर काम कर चुके हैं। ईरान ने उन पर इजरायल के लिए जासूसी का आरोप लगाया है। दरअसल,ईरान में 22 सितंबर को महासा अमीनी की मौत के बाद हिजाब विरोधी प्रदर्शन शुरू हुए थे। इन प्रदर्शनों में अब तक 500 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। जिनमें 69 बच्चे भी शामिल हैं। ईरान प्रदर्शनकारियों को फांसी की सजा भी दे रहा है।

हालांकि,यह कोई पहला मौका नहीं है कि जब किसी ईरानी नागरिक को देश विरोधी गतिविधियों में संलिप्त होने का आरोप लगाते हुए ईरान में फांसी की सजा न दी गई हो, इससे पहले भी इस तरह के कई हरकतों को ईरान अंजाम दे चुका है। अभी बीते साल कुछ महिने पहले ही ईरान 4 लोगों को इजरायली खुफिया ऐजेंसी “मोसाद” के लिए जासूसी करने के आरोप में फांसी की सजा सुनाया था।

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