इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट

चीन के जासूसी गुब्बारे को लेकर अमेरिकी डिफेंस एक्सपर्ट ने किया चौंकाने वाला बड़ा खुलासा, कहा पिछले साल भारत के संवेदनशील इलाकों के उपर भी उड़ा था यह गुब्बारा – चंद्रकांत मिश्र (एडिटर इन चीफ)


फोटो साभार -(अमेरिकी रक्षा विशेषज्ञ एच आई सटन के ट्वीटर से)

नई दिल्ली/वॉशिंगटन। दुनियां में एक ओर जहां रूस-यूक्रेन के बीच पिछले 11 महिने से अधिक भीषण जंग छिड़ा हुआ है तो वही दूसरी तरफ अमेरिका में चीन का जासूसी गुब्‍बारा हड़कंप मचा रहा है। हालांकि,अमेरिका ने एक दिन पहले हीं चीन के इस गुब्बारे को मार गिराने का दावा किया है। लेकिन अब इसी तरह का एक और चीनी गुब्बारा कोलंबिया के आसमान में देखा गया है। जिस पर कोलिंबियन आर्मी लगातार निगरानी बनाये हुई है। जहां अब जनवरी 2022 में हिंद महासागर में भारत के रणनीतिक रूप से बेहद अहम अंडमान निकोबार द्वीप समूह के ऊपर से भी इस तरह के जासूसी गुब्‍बारे को उड़ने का खुलासा हुआ है। हालांकि, भारतीय वायु क्षेत्र में इस संदिग्ध गुब्बारे को लेकर उसी समय खुलासा हो गया था जब ऐसा ही गुब्बारा अमेरिका के मोंटाना के उपर डिटेक्ट हुआ था,लेकिन तब इसकी पुष्टि नहीं हुई थी।

दरअसल,अमेरिका के चर्चित रक्षा विशेषज्ञ एचआई सटन ने अपने व्यक्तिगत ट्वीटर एकाउंट पर खुलासा किया है कि चीन के अत्‍यधिक ऊंचाई पर उड़ने वाले जासूसी गुब्‍बारे का इस्‍तेमाल भारत के सैन्‍य अड्डे की जासूसी के लिए भी किया गया था। उन्‍होंने आगे भी कहा कि अमेरिका में चीन के गुब्‍बारे के खुलासे से हड़कंप मचा हुआ है लेकिन चीन सरकार ने दावा किया है कि यह नागरिक इस्‍तेमाल के लिए था। चीन ने यह भी दावा किया है कि यह गलती से अमेरिका के ऊपर चला गया। वहीं विशेषज्ञ चीन के इस दावे से कतई सहमत नहीं हैं।

इसी कड़ी में एचआई सटन ने यह भी साफ किया कि वहीं एक चीनी गुब्‍बारा भी लैटिन अमेरिका के ऊपर चक्‍कर लगा रहा है जो अभी कोस्‍टा रिको और कोलंबिया के बीच में है। यह इस बात का पुख्‍ता सबूत है कि ये जासूसी गुब्‍बारे चीन की सेना से जुड़े हुए हैं। ये चीनी गुब्‍बारे पिछले एक साल से चक्‍कर लगा रहे हैं और उनका एक सेट पैटर्न भी है। उन्‍होंने कहा कि यह जासूसी इससे पहले भारत के बेहद अहम नौसैनिक अड्डे अंडमान निकोबार द्वीप समूह के ऊपर से भी उड़ान भर चुका है और उसकी तस्‍वीर भी सामने आई थी।

सटन ने यह भी खुलासा किया कि जनवरी 2022 में चीन के जासूसी गुब्‍बारे को अंडमान निकोबार द्वीप समूह की राजधानी पोर्ट ब्‍लेयर के ऊपर से उड़ान भरते हुए देखा गया था। चीन के इस जासूसी गुब्‍बारे की तस्‍वीर सोशल मीडिया में सामने आई थी लेकिन यह खुलासा नहीं हो सका था कि यह गुब्‍बारा किसका था ? हालांकि तब भी चीन पर ही शक जताया गया था। क्योंकि,स्‍थानीय मीडिया संगठन अंडमान “शीखा” की 6 जनवरी 2022 की रिपोर्ट में यह सवाल उठाया गया था कि अब सवाल यह है कि किस एजेंसी ने आसमान में इस गुब्‍बारे को उड़ाया है और क्‍यों ? अगर इस चीज को अंडमान में किसी एजेंसी ने नहीं उड़ाया है तो इसे जासूसी के लिए भेजा गया था?

बता दे कि “अंडमान शीखा” ने अपनी रिपोर्ट में आगे यह भी कहा था कि अत्‍याधुनिक सेटेलाईट के इस दौर में कौन एक उड़ती हुई चीज से जासूसी करेगा ? हालांकि,अमेरिका की घटना से अब यह खुलासा हो गया है कि चीन अपने जासूसी गुब्‍बारे को दुनियाभर में उड़ा रहा है। इससे पहले फरवरी 2022 में भी इसी तरह के जासूसी गुब्‍बारे को अमेरिका के हवाई क्षेत्र के पास देखा गया था और उसे मार गिराने के लिए अमेरिका ने अपने एफ-22 रैप्‍टर फाइटर जेट को भेजा था। हालांकि उस समय चीनी जासूसी गुब्‍बारे की तस्‍वीर सामने नहीं आई थी।

अब ऐसे में अमेरिकी रक्षा विशेषज्ञ एच आई सटन के दावे और अंडमान शीखा की रिपोर्ट को गौर करने से यह साफ हो जाता है कि चीन का यह जासूसी गुब्बारा जब भारतीय क्षेत्र में उड़ रहा था तो उस समय भारतीय ऐजेंसियां क्या कर रही थी ? इस गंभीर सवाल का जवाब भारत सरकार और भारतीय सुरक्षा ऐजेंसियों को देना चाहिए। क्योंकि, राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा यह अत्यंत गंभीर विषय है। इतना ही नहीं भारत सरकार की तरफ से इस पूरे घटनाक्रम पर एक जांच कमेटी भी गठित करनी चाहिए, ताकि संबंधित जिम्मेदार ऐजेंसी की जवाबदेही भी तय की जा सकें।

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