
भारतीय जवान,फाईल फोटो,साभार -(BSF के ट्वीटर से)
अमृतसर/नई दिल्ली। पिछले साल पंजाब दौरे के दौरान देश के प्रधानमंत्री की सुरक्षा में हुई चूक को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार से एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगा है। केंद्र ने पंजाब सरकार से पूछा है कि इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से करवाई गई जांच की रिपोर्ट पर उसने क्या कार्यवाही किया ? वहीं, गृह मंत्रालय के इस सवाल पर राज्य सरकार की तरफ से अभी तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
दरअसल, देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट ने 5 जनवरी 2022 को फिरोजपुर दौरे के दौरान PM मोदी की सुरक्षा में हुई चूक की जांच के लिए रिटायर्ड जस्टिस इंदु मल्होत्रा की अगुवाई में 5 मेंबरी कमेटी बनाई थी। जहां कमेटी ने 25 अगस्त 2022 को अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में सब्मिट कर दी थी। इस दौरान रिपोर्ट पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन चीफ जस्टिस एनवी रमना की बेंच ने सुरक्षा चूक के लिए पंजाब पुलिस को जिम्मेदार पाया था।
इस जांच रिपोर्ट में यहां तक कहा गया है कि फिरोजपुर के तत्कालीन SSP हरमनदीप हंस को दो घंटे पहले उस रास्ते के बारे में बता दिया गया था, जहां से PM गुजरने वाले थे। इसके बावजूद पंजाब पुलिस सुरक्षा बंदोबस्त ठीक नहीं कर पाई। रिपोर्ट में पंजाब के तत्कालीन मुख्य सचिव अनिरुद्ध तिवारी और तत्कालीन DGP सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय की भी लापरवाही सामने आई थी। वहीं, अब केंद्र ने पंजाब सरकार से पूछा है कि उसने इस जांच रिपोर्ट पर 6 महीने में क्या एक्शन लिया ? रिपोर्ट में जिन अफसरों को सुरक्षा चूक के लिए जिम्मेदार ठहराया गया, उनके खिलाफ कार्रवाई की गई या नहीं ? अगर कोई एक्शन लिया गया तो क्या ? और अगर नहीं लिया गया तो क्यों ?
इतना ही नहीं केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कार्रवाई में हो रही देरी को लेकर बेहद सख्त नाराजगी भी जताई है। क्योंकि,केंद्रीय गृह सचिव ने पंजाब के चीफ सेक्रेटरी विजय कुमार जंजुआ से इस पर एक हफ्ते में एक्शन टेकन रिपोर्ट देने को कहा है।
बता दे कि PM की सुरक्षा में हुई चूक के बाद पंजाब की चरणजीत सिंह चन्नी की अगुवाई वाली तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने गैर-जिम्मेदाराना तरीके से एक्शन लिया। पंजाब पुलिस ने इसे लेकर फिरोजपुर के कुलगढ़ी थाने में केस दर्ज किया जिसमें IPC की धारा 283 लगाई गई। इस धारा में सजा मात्र 200 रुपए जुर्माना है और इसकी जमानत भी थाने में ही हो जाती है। आरोपी को कोर्ट तक जाने की जरूरत नहीं पड़ती। यही नहीं पंजाब पुलिस ने इस FIR में किसी का नाम तक नहीं लिखा। हैरानी वाली बात ये रही कि FIR में कहीं भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का काफिला रोके जाने का जिक्र तक नहीं किया गया। इसमें PM की सुरक्षा के लिए बने SPG एक्ट को भी नहीं लगाया गया।
गौरतलब है कि फरवरी 2022 में हुए पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले 5 जनवरी, 2022 को PM नरेंद्र मोदी पंजाब दौरे पर आए थे। मौसम खराब होने के कारण प्रधानमंत्री के काफिले को बठिंडा से फिरोजपुर सड़क मार्ग से भेजा गया। जब वह बठिंडा हवाई अड्डे से हुसैनीवाला जा रहे थे तो उनका काफिला फिरोजपुर के प्यारेआना गांव में 20 मिनट तक एक फ्लाईओवर पर फंसा रहा क्योंकि वहां से कुछ दूरी पर किसानों ने हाईवे बंद कर दिया था। इस दौरान तमाम लोग प्रधानमंत्री की गाड़ी के एक दम पास पहुंच गये थे जो कि सिक्योरिटी प्रोटोकॉल के लिहाज से बहुत बड़ी लापरवाही के साथ-साथ जघन्य अपराध भी था।
