
अमेरिकी युद्धपोत, फाईल फोटो, साभार -(अमेरिकी नेवल इंसटीटयूट के ट्वीटर से)
कीव/वाशिंग्टन। हाल ही में ब्लैक सी के उपर उड़ान भरने के दौरान अमेरिकी ड्रोन को रूसी विमानों द्वारा मार गिराने की घटना में अमेरिकी MOD के मुख्यालय ‘पेंटागन’ ने बेहद सनसनीखेज खुलासा करते हुए घटना से जुड़े एक विडियो जारी किया है,मात्र 42 सेकेंड के इस विडियो में यह दिखाई दे रहा है कि ब्लैक सी के उपर अमेरिकी ड्रोन के उड़ान भरने के दौरान अचानक एक रूसी एसयू-27 अमेरिका के इस एमक्यू-9 ड्रोन के पीछे की तरफ से आ रहा है और इसके गुजरने पर उसके उपर पेट्रोल गिराकर उसे अंधा कर देता है,फिर उसे इसी विमान से एक टक्कर मारकर समुंदर में गिरा देता है। वहीं,रूसी अधिकारियों ने कहा है कि वे काला सागर से अमेरिकी ड्रोन का मलबा बरामद करने की कोशिश करेंगे।
बता दे कि इस घटनाक्रम को लेकर अमेरिकी सेना के हवाले से यह बताया गया है कि इस मंगलवार को एमक्यू-9 रीपर को समुद्र में गिरा दिया जब रूसी लड़ाकू विमान ने मानव रहित विमान पर ईंधन डाला जो इसके ‘ऑप्टिकल’ (नजर रखने संबंधी) उपकरणों को देखने से रोकने और इसे क्षेत्र से बाहर निकालने तथा इसके प्रोपेलर को बाधित करने का स्पष्ट प्रयास था। वहीं,अमेरिका के रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन और ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल मार्क मिले ने रूसी लड़ाकू जेट विमानों के साथ मुठभेड़ के बाद अमेरिकी ड्रोन के नष्ट होने के बारे में अपने रूसी समकक्षों से बात की है। बता दे कि विमानों के खतरनाक तरीके से एक-दूसरे के सामने आने के प्रयास असामान्य नहीं हैं।
इस बीच रूसी रक्षा मंत्रालय ने ऑस्टिन के साथ फोन पर हुई बातचीत को लेकर अपनी रिपोर्ट में कहा कि शोइगू ने अमेरिका पर यूक्रेन में उसके (रूस के) सैन्य अभियानों के कारण क्रेमलिन की ओर से लगाए गए उड़ान प्रतिबंधों की अनदेखी करके घटना को भड़काने का आरोप लगाया। रूस ने ‘रूसी संघ के हितों के खिलाफ खुफिया गतिविधियों में तेजी’ का भी आरोप लगाया है। फिलहाल,यह घटना दिन ब दिन तूल पकड़ता हीं जा रहा है। क्योंकि, अमेरिका इस गिराये ड्रोन के मलबों की रिकवरी इसलिए करना चाहता है कि, कहीं उसकी चोरी न पकड़ा जाये। दरअसल, रूस-यूक्रेन जंग जबसे शुरू हुआ है, उसके बाद इंटरनेशनल बार्डर एरिया के बहाने नाटों और अमेरिका विभिन्न माध्यमों से लगातार रूस के खिलाफ जासूसी अभियानों के अलावा अन्य सैन्य अभियानों को अंजाम देने में जुटे हुए हैं।
ऐसे में ब्लैक सी के उपर उड़ान भर रहे अमेरिकी ड्रोन के द्वारा पेंटागन लगातार जासूसी अभियानों को अंजाम दे रहा था जो कि रूस के हितों के लिए बड़ा खतरनाक साबित हो रहा था। यहीं कारण है कि रूसी विमानों ने बड़े हीं चालाकी से पहले इस अमेरिकी ड्रोन के उपर पेट्रोल गिराकर उसे अंधा बनाके फिर उसे इसी विमान से टक्कर मार के समुन्दर में गिरा देते हैं। अब इसके मलबे की रिकवरी को लेकर अमेरिका और रूस इसलिए आमने-सामने है कि रूस इन मलबों की ऐनालिसिस करके यह देखना चाहता है कि इस ड्रोन के जरिए अमेरिकी ऐजेंसियों ने रूस के खिलाफ क्या क्या जासूसी किया है ? वहीं अमेरिका यह नहीं चाहता कि उसका झूठ पकड़ा जाये।
