
इजरायली एअर फोर्स द्वारा गाजा पट्टी में हमले के दौरान, फोटो साभार -(सोशल मीडिया)
तेलअवीव। रूस-यूक्रेन जंग के बीच फिनलैंड के नाटों ज्वाइन करने के बाद हीं दुनिया में विश्वयुद्ध का खतरा बढ़ गया, जहां अब मिडिल-ईस्ट में भी इजरायल द्वारा गाजापट्टी पर हमला किये जाने की रिपोर्ट सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि जेरूसलम की अल-अक्सा मस्जिद में बीते बुधवार को इजरायली सेना और फिलिस्तीनियों के बीच झड़प हुई थी, इसके बाद आतंकवादी समूह हमास ने इजरायल पर कई हमले किए। जहां काउंटर अटैक करते हुए इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान में फिलिस्तीनी आतंकवादी समूह हमास से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया। जिसमें हमास को भारी नुकसान पहुंचाने का बड़ा दावा भी किया है।
इस बीच इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) ने कहा है कि लेबनान से इजरायल पर 34 रॉकेट दागे गए थे, जो कि 2006 के युद्ध के बाद से दोनों देशों के बीच सबसे बड़ा हमला था, जिसमें लगभग 1,200 लेबनानी लोग और 165 इजरायली मारे गए थे। इजरायली सेना ने आगे भी कहा कि उसने दक्षिणी लेबनान में हमास पर हमला किया है। वहीं, लेबनान के प्रधानमंत्री नजीब मिकाती ने अपने क्षेत्र में हमले की निंदा करते हुए एक बयान जारी किया।
फिलहाल, जिस तरह से दुनिया के तमाम देशों में दिन ब दिन हालात गंभीर हो रहे हैं,उससे साफ हो जाता है कि दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध से बहुत दूर नहीं है। क्योंकि, रूस यूक्रेन-जंग के बीच फिनलैंड ने जैसे ही नाटों ज्वाइन किया, क्रेमलिन का पारा हाई हो गया और रूस बाल्टिक और ब्लैक सी में अपनी तैनाती में भारी इजाफा करते हुए ड्रिल आॅपरेशन शुरू कर दिया है। वहीं, दक्षिण कोरिया और अमेरिका के ज्वाइंट ड्रिल को लेकर उत्तर कोरिया साफ कर दिया कि अब परमाणु हमले का खतरा बढ़ गया है।
