
ब्रिटिश तोफ,फाईल फोटो,साभार -(ब्रिटेन के MOD से)
वाशिंग्टन। जबसे सोशल मीडिया पर रूस-यूक्रेन जंग से जुड़े पेंटागन के एक लीक दस्तावेज़ की रिपोर्ट सामने आई है, उसके बाद से ही वाशिंग्टन से लेकर तमाम नाटों देशों में हड़कंप मचा हुआ है। जहां इस दौरान इस लीक दस्तावेज के हवाले से आये दिन हड़कंप मचाने वाला खुलासा हो रहा है। इस बीच अब यह खुलासा हुआ है कि एक रूसी लड़ाकूं जेट ने पिछले साल ब्लैक सी के ऊपर एक निहत्थे ब्रिटिश जासूसी विमान को मार गिराया था। दावा है कि यह ब्रिटिश जासूसी विमान बीते साल के 29 सितंबर को क्रीमिया तट से उड़ान भर रहा था तभी उसे मार गिराया गया था।
जहां इस घटना को लेकर ब्रिटेन के तत्कालीन रक्षा मंत्री बेन वालेस ने पिछले साल अक्टूबर में संसद के हाउस ऑफ कॉमन्स को इस घटना के बारे में बताया था, जिसमें कहा गया था कि दो रूसी Su-27 लड़ाकू जेट विमानों ने काला सागर के ऊपर अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र में RC-135 को रोक दिया था। बेन वालेस ने आगे भी बताया था कि रूसी जेट विमानों में से एक ने कुछ दूरी पर “एक मिसाइल दागी थी। हालांकि उन्होंने इस घटना को रूस की ओर से हमले के रूप में वर्णित नहीं किया था,उन्होंने मिसाइल लॉन्च को “तकनीकी खराबी” हीं करार दिया था। बता दे कि पेंटागन के इस लीक हुए दस्तावेज़ को “SECRET/NOFORN” नाम दिया गया है। यह अक्टूबर और फरवरी के अंत तक के समय में अमेरिकी, ब्रिटिश और फ्रांसीसी विमानों पर रूस के कार्रवाई का भी विवरण देता है।
जहां इस दौरान रूस और अमेरिका के बीच एक बार फिर से तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। क्योंकि,अभी हाल ही में ब्लैक सी के उपर अमेरिका के एमक्यू-9 रीपर सर्विलांस ड्रोन को भी रूसी पायलटो ने क्रैश करने की घटना को अंजाम दिया था। जिससे अमेरिका ने रूस को खुलकर चेतावनी दी थी, वहीं इस घटना के बाद पेंटागन ने मंगलवार को कहा है कि अमेरिकी सेना को अनिवार्य रूप से अपने एमक्यू-9 रीपर सर्विलांस ड्रोन को क्रैश करने के लिए मजबूर होना पड़ा, क्योंकि यह एक रूसी जेट से टकराकर क्षतिग्रस्त हो गया था।
कुल मिलाकर, पेंटागन के लीक दस्तावेजों से अब यह साफ हो गया है कि जबसे रूस-यूक्रेन जंग छिड़ा हुआ है, उसके बाद तमाम ऐसी घटनाएं सामने आई है जिससे रूस के साथ सीधे सीधे अमेरिका और यूरोप टकरा सकते थे। लेकिन इन देशों ने इन घटनाओं को नजर अंदाज करते नजर आए ताकि रूस के साथ सीधे टकराव से बच सके। यही कारण था कि इसे पब्लिक डोमेन में नहीं लाया गया। लेकिन अब इन खुलासों ने इसे पर्दाफाश कर दिया है। ऐसे में अमेरिका और यूरोप के उपर रूस के साथ सीधे उलझने का बड़ा दबाव है। हालांकि,इन डाइरेक्ट लेवल पर अमेरिका और यूरोप रूस के खिलाफ यूक्रेन की मदद लगातार कर रहे हैं।
