
यूक्रेनी सैनिकों के साथ ब्रिटिश सैनिक ब्रिटेन में एक ट्रेनिंग के दौरान,फाईल फोटो,साभार -(ब्रिटेन के MOD से)
लंदन/वाशिंग्टन। दुनियां भर में अभेद्य किला के रूप में प्रसिध्दी पाने वाले अमेरिका का पेंटागन इन दिनों अपने सीक्रेट डाकुयूमेंट के लीक होने को लेकर लगातार चर्चा में बना हुआ है। जहां इस बीच एक और लीक रिपोर्ट सामने आई है जिसमें दावा किया गया है कि रूस के खिलाफ ब्रिटेन के सैनिक ‘सीधे तौर पर’ लड़ रहे हैं। कथित तौर पर लीक हुए अमेरिकी खुफिया दस्तावेजों से पता चलता है कि वर्तमान में यूक्रेन में 50 ब्रिटिश स्पेशल फोर्सेस ऑपरेटर्स तैनात हैं। जबकि,रूस कई बार यूक्रेन की मदद करने को लेकर पश्चिम को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दे चुका है।
दरअसल,डेलीमेल ने 23 मार्च को पेंटागन के एक लीक दस्तावेज के हवाले से रिपोर्ट किया है कि यूक्रेन की धरती पर विशेष बलों का सबसे बड़ा दल ब्रिटेन का हीं है। उनके साथ नाटों देश लातविया, फ्रांस और अमेरिका से एक-एक दर्जन से अधिक ऑपरेटर भी मौजूद हैं। वहीं,ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने कथित लीक दस्तावेजों में लगाए गए आरोपों के खिलाफ चेतावनी दी है। ट्विटर पर मंत्रालय ने कहा, ‘कथित खुफिया अमेरिकी जानकारी का व्यापक रूप से लीक होना गंभीर स्तर की गलती का प्रदर्शन करता है।’
वहीं,पेंटागन के प्रवक्ता क्रिस मेघेर के हवाले से यह बताया गया है कि कुछ खुफिया दस्तावेज, जो ऑनलाइन लीक हो गए थे और सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर हो रहे थे, ऐसा प्रतीत होता है कि उनमें हेरफेर किया गया है। अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने मामले की जांच करने और इस कथित लीक के स्रोत का पता लगाने की कसम खाई है। हालांकि,रॉयल मरीन के पूर्व प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल रॉबर्ट मैगोवन ने दिसंबर में हीं पुष्टि कर दिया था कि ब्रिटिश कमांडो पहले ही 2022 में यूक्रेन में दो बार तैनात किए जा चुके हैं। इतना ही नहीं लीक हुए ये कथित अमेरिकी खुफिया दस्तावेजों से यूक्रेन युद्ध के बारे में कई अहम जानकारियों का भी पता चला है। इसमें यहां तक कहा गया है कि कैसे अमेरिकी इंटेलिजेंस कीव को रूसी हमलों की योजनाओं के बारे में बताते हैं। मालूम हो कि ये दस्तावेज दावा करते हैं कि यूक्रेन की हवाई सुरक्षा लगभग पूरी तरह खत्म हो गई है।
मालूम हो कि बीते साल के 24 फरवरी से हीं रूस-यूक्रेन जंग में यूक्रेन की मदद में ब्रिटेन पूरी ताकत के साथ खड़ा है। इस दौरान ब्रिटेन तमाम तरह की सैनिक सहायता भी लगातार यूक्रेन को उपलब्ध करा रहा है। हालांकि, अमेरिका और नाटों के साथ लगभग सभी पश्चिम देश भी रूस के खिलाफ यूक्रेन की मदद कर रहे हैं। वहीं,क्रेमलिन भी इन सभी देशों को यूक्रेन की मदद ना करने के लिए कई बार चेतावनी भी दे चुका है। इतना ही नहीं रूस ने कई बार परमाणु हमले की धमकी देने से पीछे नहीं हटा है। फिलहाल, इस ताजे खुलासे को लेकर अभी तक रूस की तरफ से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
