
सांकेतिक तस्वीर।
ओटावा। भारत विरोधी खालिस आतंकियों का कनाडा के साथ पहले से ही जारी सांठगांठ के कड़ी में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है,जहां इस दौरान कनाडा में जून में मारे गए खालिस्तान समर्थक आतंकी हरदीप सिंह निज्जर के बेटे बलराज सिंह ने एक बड़ा दावा किया है। बलराज सिंह निज्जर ने कहा कि उनके पिता हत्या से पहले नियमित रूप से कनाडा के खुफिया एजेंसी (CSIS) के अधिकारियों से मिलते थे।
बलराज सिंह ने आगे भी कहा कि उनके पिता कनाडा सुरक्षा खुफिया सेवा के अधिकारियों के साथ सप्ताह में एक या दो बार मिलते थे। 18 जून को हत्या से एक या दो दिन पहले भी वह मिले थे। उनकी मौत के दो दिन बाद एक और बैठक होनी थी। मंगलवार को उन्होंने बताया कि बैठकें फरवरी से होनी शुरू हुईं और फिर आने वाले दिनों में यह बढ़ती रहीं। बता दे कि बलराज के इस दावें ने पूरी तरह से साफ कर दिया कि सालो से खालिस मूवमैंट के संरक्षण को लेकर कनाडा पर जो आरोप लगते रहे हैं वह पूरी तरह से साफ हो गया है।
इसी कड़ी में बलराज सिंह ने आगे भी कहा कि एक मीटिंग में वह भी मौजूद था,जिसमें बताया गया कि निज्जर की जान को खतरा है। उनके पिता को घर पर रहने को कहा गया था। मालूम हो कि ट्रूडो ने मंगलवार को संसद में भारत के खिलाफ एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि हमारी खुफिया सेवाएं भारत सरकार और हत्या के बीच संभावित लिंक के बारे में विश्वसनीय जानकारी की जांच कर रही हैं। इसके बाद कनाडा ने इसके बाद एक वरिष्ठ भारतीय राजनयिक को देश से निकाल दिया। जिसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है।
इस बीच भारत सरकार ने ट्रूडो के आरोपों को पूरी तरह नकार दिया है। इसके अलावा भारत ने भी कनाडा के एक वरिष्ठ राजनयिक को पांच दिनों के अंदर देश छोड़ने का निर्देश दिया है। भारत ने अपने फैसले की जानकारी देने के लिए कनाडाई राजदूत कैमरन मैके को बुलाया था। विदेश मंत्रालय पहुंचने के कुछ मिनटों के बाद ही कैमरन मैके बाहर निकले। उनके चेहरे पर नाराजगी साफ दिख रही थी।
