एक्सक्लूसिव रिपोर्ट

तालिबान ने चली नई चाल,पूर्व राष्ट्रपति और उप राष्ट्रपति लौट सकते हैं काबुल,उन्हें माफ किया जाता है – सतीश उपाध्याय (सीनियर एडिटर)

काबुल
अफगानिस्‍तान में जन विद्रोह का सामना कर रहे तालिबान आतंकियों ने पूर्व राष्‍ट्रपति अशरफ गनी और पूर्व उपराष्‍ट्रपति अमरुल्‍ला सालेह को ‘आम माफी’ देने का ऐलान किया है। साथ ही कहा है कि ये दोनों नेता वापस काबुल आ सकते हैं। अशरफ गनी इस समय दुबई में निर्वासित जीवन बिता रहे हैं जबकि सालेह ने अफगानिस्‍तान के पंजशीर घाटी को अपना गढ़ बनाया है। पंजशीर घाटी से विद्रोही तालिबानियों को निशाना बना रहे हैं।

पाकिस्‍तान के जिओ न्‍यूज को दिए साक्षात्‍कार में तालिबान के नेता खलिल उर रहमान हक्‍कानी ने कहा कि तालिबान की अशरफ गनी, सालेह और पूर्व राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हमदुल्‍लाह मोहिब से कोई दुश्‍मनी नहीं है। हक्‍कानी ने कहा, ‘हमने अशरफ गनी, सालेह और मोहिब को माफ कर दिया है।’ उन्‍होंने कहा कि इन तीनों लोगों से उनकी दुश्‍मनी केवल धार्मिक आधार पर थी। हक्‍कानी को अमेरिका ने एक वैश्विक आतंकी घोषित कर रखा है जिस पर 50 लाख डॉलर का इनाम है।

‘सभी अफगान हमारे भाई हैं, इसलिए वे देश लौट सकते हैं’
हक्‍कानी ने कहा, ‘हमने अपनी तरफ से सबको माफ कर दिया है। फिर चाहे वे लोग हो जिन्‍होंने हमारे खिलाफ जंग लड़ा था या फिर आम नागरिक हों।’ उन्‍होंने लोगों से अपील की कि वे देश छोड़कर न जाएं। हक्‍कानी ने कहा कि दुश्‍मन यह दुष्‍प्रचार कर रहे हैं कि तालिबान उनसे बदला लेंगे। उन्‍होंने कहा, ‘ताजिक, बलोच, हजारा और पश्‍तून सभी हमारे भाई हैं। चूंकि सभी अफगान हमारे भाई हैं, इसलिए वे देश लौट सकते हैं।’

तालिबानी नेता ने कहा क‍ि हमारी दुश्‍मनी की एकमात्र वजह सिस्‍टम को बदलने को लेकर थी। यह सिस्‍टम अब बदल चुका है। उन्‍होंने कहा क‍ि तालिबान ने अमेरिका के खिलाफ नहीं लड़ाई लड़ी है। अमेरिका ने हमारे ऊपर हमला किया और हमने अपनी संस्‍कृति, धर्म और देश की रक्षा के लिए यह लड़ाई लड़ी है। अमेरिकी हमारे और हमारे देश के खिलाफ हथियारों का इस्‍तेमाल कर रहे हैं। हक्‍कानी ने दावा किया कि तालिबान ने अपने दुश्‍मनों के खिलाफ बड़ी जीत हासिल की है।

तालिबान के हृदय परिवर्तन की यह है वजह
हक्‍कानी ने कहा कि हमने अमेरिका समर्थित अफगान सेना को मात दी है जिसमें 3,50,000 सैनिक थे। तालिबान चाहता है कि सभी मुस्लिम देश एक-दूसरे से जुड़ें। उन्‍होंने दुनियाभर के देशों को सलाह दी कि वे अपने देश के नागरिकों को जरूरी अधिकार दें। हक्‍कानी ने कहा कि बेहद सक्षम और पढ़े-लिखे लोग अफगानिस्‍तान में सरकार बनाएंगे। इसमें सभी समूहों को शामिल किया जाएगा। माना जा रहा है कि देश में बढ़ रहे विरोध को थामने के लिए तालिबान का हृदय परिवर्तन हुआ है। पिछले दिनों झंडे और अब पंजशीर में तालिबान के खिलाफ विद्रोही आवाजें तेज हो गई हैं।

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