बिहार के दरभंगा रेलवे स्टेशन पर हुए पार्सल ब्लास्ट मामले में NIA ने एक दिन पहले हैदराबाद से उत्तर प्रदेश के कैराना के रहने वाले दो सगे भाइयों इमरान मलिक व नासिर मलिक को गिरफ्तार किया। इन दोनों पर पाकिस्तान के आंतकी संगठनों से संबंध होने व दरभंगा ब्लास्ट में शामिल होने का आरोप है। हालांकि, इस मामले में अब नया मोड़ आता दिखाई दे रहा है। दोनों आरोपियों के रिटायर्ड फौजी पिता ने कहा है कि रिसर्च एनालिसिस विंग (RAW) के इशारे पर ही उनके बेटों को फंसाया गया है। उन्होंने कहा है कि यदि वे दोषी हैं तो उन्हें सरेआम गोली मार दीजिए। लेकिन अगर वो निर्दोष हैं तो कृपया उनकी जान बक्श दीजिए।
गुरुवार को पकड़े गए दोनों आरोपियों के बारे के खबर चलने के बाद नासिर व इमरान के पिता मूसा खान कैराना में सामने आए। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि उसका बेटा नासिर खान रॉ या IB विभाग की एक महिला अधिकारी के पास काम करता था। कई साल पहले रॉ या IB की तरफ से उसके बेटे को पाकिस्तान भी भेजा गया था।
RAW या IB के लिए काम कर रहे थे दोनों बेटे
उसका दूसरा बेटा इमरान खान भी अपने भाई नासिर के साथ रॉ या IB के लिए काम कर रहा था। रिटायर्ड फौजी मूसा खान ने राॅ की एक महिला अधिकारी पर अपने दोनों बेटों को फंसाने के आरोप लगाए। वहीं उन्होंने कहा कि उसने भारतीय फौज में रहकर देश की सेवा की हैं और देश के लिए अनेकों लड़ाई लड़ी हैं। भारत सरकार ने उसको 7 बार मेडल भी दिए हैं।
मूसा खान ने कहा कि अगर उसके बेटे दोषी पाए जाते हैं तो उनको बेशक गोली मार देनी चाहिए। वह उनके साथ नहीं है। वह अपने देश के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए अगर वो निर्दोष हैं तो उनको छोड़ देना चाहिए।
बुधवार को नासिर और इमरान की हुई थी गिरफ्तारी
दरअसल, 17 जून को बिहार के दरभंगा रेलवे स्टेशन पर सिकंदराबाद से आए कपड़े के बंडल वाले पार्सल में ब्लास्ट हुआ था। तभी से एटीएस मामले की जांच कर रही थी। बाद में मामला को एनआईए को सौंप दिया गया था।
बुधवार को एनआईए की टीम ने हैदराबाद से दरभंगा ब्लास्ट प्रकरण में इमरान खान व नासिर खान को गिरफ्तार किया था। दोनों पर पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के साथ संबंध होने व दरभंगा ब्लास्ट करने के आरोप लगे हैं। इमरान व नासिर कैराना नगर के मोहल्ला कायस्थवाडा के रहने वाले हैं।
