एक्सक्लूसिव रिपोर्ट

अफगानी मिलीट्री कमांडर को बिना बताये हीं अमेरिकी फौज की अंतिम टुकड़ी रात में भागी – चंद्रकांत मिश्र (एडिटर इन चीफ)

अमेरिकी सेना ने अफगानिस्तान स्थित बगराम एयरबेस को अफगान कमांड को बिना बताए ही रात के समय चुपचाप छोड़ दिया. ऐसे में अफगानिस्तान सेना (Afghanistan Army) के जवानों की मुसीबत बढ़ गई है. अफगानी जवान हजारों तालिबानी कैदियों (Taliban) के साथ इस एयरबेस पर अकेले हैं और अब उन्हें दुश्मन से हमले का डर सता रहा है. गौरतलब है कि 11 सितंबर तक अमेरिकी सैनिकों को पूरी तरह से अफगानिस्तान से बाहर निकलना है.
बगराम एयरबेस राजधानी काबुल से उत्तर में 60 किमी दूर स्थित है. एक समय यहां पर अमेरिका और इसके सहयोगी देशों के दसियों हजार सैनिक तैनात हुआ करते थे. दो दशकों तक अफगानिस्तान में चले युद्ध के दौरान ये एक महत्वपूर्ण सैन्य बेस था. लेकिन पिछले हफ्ते आखिरी अमेरिकी सैनिक चुपचाप बेस छोड़कर चले गए. अमेरिकी सैनिकों की वापसी से अफगानिस्तान में एक बड़ा सुरक्षा वैक्यूम पैदा हो गया, जिसे अफगानी सेना भरने में नाकाम दिख रही है. अफगानिस्तान की सेना इतनी सक्षम नजर नहीं आ रही है कि वो तालिबान का सही ढंग से मुकाबला कर पाए.

एयरबेस छोड़ने की टाइमलाइन की नहीं दी गई जानकारी
बगराम एयरबेस के नए कमांडर जनरल मिरासदुल्लाह कोहिस्तानी ने सामना किए जाने वाली चुनौतियों को लेकर कहा, अगर हम अमेरिकियों से अपनी तुलना करें तो ये बहुत बड़ा अंतर है. उन्होंने इस बात को स्वीकार किया कि उनकी सेना अमेरिकी सेना जितनी मजबूत नहीं हो सकती है. लेकिन अपनी क्षमता के अनुसार, हम कोशिश कर रहे हैं कि जितना हो सके उतना बेहतर और सुरक्षित होकर सभी लोगों की सेवा करें. एक स्पष्ट हैंडओवर या ट्रांजिशन योजना की कमी ने कार्य को और भी चुनौतीपूर्ण बना दिया है. कोहिस्तानी ने कहा, हमें उनके एयरबेस छोड़कर जाने की टाइमलाइन के बारे में नहीं मालूम था. उन्होंने नहीं बताया कि वे कब इसे छोड़कर गए.

एयरबेस में लोगों ने की लूटपाट
दूसरी ओर, इस बात की जानकारी भी सामने आई है कि अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद से एयरबेस पर जमकर लूटपाट हुई है. बताया गया कि अमेरिकी सैनिकों के जाते ही सुबह चार बजे अफगानी लोग इमारतों में घुस आए. ये लोग इमारत के भीतर कई घंटों तक रहे और यहां मौजूद प्लास्टिक, मेटल लूटकर लेकर चले गए. इस दौरान घटना की जानकारी मिलते ही अफगानी सुरक्षाबल यहां पहुंचे और इन लोगों को ऐसा करने से रोका गया. एक चश्मदीद ने बताया कि लोग यहां पर लूटपाट कर रहे थे. यही वजह है अफगानिस्तान हर रोज बर्बाद हो रहा है. दूसरी ओर, तालिबान का खतरा भी अब बढ़ने लगा है.

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