
एअर मार्शल मानवेंद्र सिंह हादसे की जांच करने वाले वरिष्ठ अधिकारी (फाईल फोटो)
नई दिल्ली। बीते आठ दिसंबर को तमिलनाडु के नीलगिरि जिले के कुनूर में एक हेलीकॉप्टर हादसे के दौरान हैलीकॉप्टर में सवार देश के CDS जनरल विपिन रावत सहित कुल 13 क्रू की जान चली गई थी,जिसमें जीवित बचें ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह भी बाद में इलाज के दौरान दम तोड़ दिये थे। जहां इस दुर्घटना की उच्चस्तरीय जांच टीम गठित की गई थी,और अब यह जांच रिपोर्ट आने वाले सप्ताह में वायुसेना के मुख्यालय को सौंपे जाने की संभावना है।

हादसे के दौरान (फाईल फोटो)
दरअसल, इस जांच रिपोर्ट को बीते 31 दिसंबर को ही सौंपने की संभावना थी लेकिन कतिपय कारणवश उस समय नही उपलब्ध कराया जा सका, बता दें कि एयर मार्शल मानवेंद्र सिंह के लीडरशिप में जारी जांच में उन सभी संभावित पहलुओं की भी गंभीरता से जांच की गई है,जिनमें हैलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने की जरा सी भी संभावना रही है,इस दौरान हैलीकॉप्टर में प्रयुक्त मूल उपकरणों के निर्माताओं से भी जांच टीम ने संपर्क कर उनसे अन्य विवरण प्राप्त किया है। इसके साथ घटनास्थल पर उस समय मौजूद गवाहों का बयान भी इस जांच रिपोर्ट में शामिल किया गया है,इसके अलावा इस बिंदु पर भी जांच की गई है कि जब हेलीकॉप्टर उतरने की तैयारी कर रहा था,तब चालक दल के दिशाभ्रमित होने का कहीं यह मामला तो नहीं है ?
वहीं,जांच से जुड़े सूत्रों का मानना है कि इस दुर्घटना में सिर्फ मौसम के खराब होने की वजह से अचानक दुर्घटना का होना प्रतीत हो रहा है,और इसके सैकड़ों उदाहरण हैं।
गौरतलब है कि एक अधिकारिक यात्रा के दौरान बीते 8 दिसंबर को देश के CDS जनरल विपिन रावत समेत कुल 13 लोग तमिलनाडु के नीलगिरि जिले के कुनूर में हैलीकॉप्टर हादसे में अपनी जान गवां दिये थे,इस दौरान इस हादसे में एक मात्र जीवित बचने वाले ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह भी बाद में इलाज के दौरान दम तोड़ दिये थे, इस हादसे की जांच में तीनों सेनाओं के वरिष्ठ अधिकारियों की एक जांच टीम गठित कर जांच जारी कर दी गई थी,जहां इस जांच टीम को लीड कर रहे हैं एअर मार्शल मानवेंद्र सिंह।
