एक्सक्लूसिव रिपोर्ट

यूक्रेन की एयर डिफेंस फोर्स ने रूस के 14 मिलीट्री बेस को किया टारगेट, जबरदस्त बमबारी में तबाह हुए रूसी मिलीट्री बेस – चंद्रकांत मिश्र/हेमंत सिंह

कीव/मॉस्को। रूस और यूक्रेन के बीच जारी भीषण लड़ाई का आज 23वां दिन है,निश्चित रूप से यूक्रेन इस जंग में अब तक भारी नुकसान का सामना कर रहा है लेकिन वहीं जवाबी कार्रवाई में रूस को भी जबरदस्त नुकसान झेलना पड़ रहा है। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने एक बार फिर से पुतिन के लिए तल्ख शब्दों का प्रयोग किया। बाइडन ने पुतिन को हत्यारा तानाशाह और एक विशुद्ध ठग बताया।

इसी कड़ी में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ने एक ट्वीट में बताया कि मैंने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन से बात की है और रूस के खिलाफ युद्ध में मजबूत सहयोग के लिए ब्रिटिश सरकार का आभार जताया।

तो वहीं यूक्रेन के मानवाधिकार आयुक्त ल्युडमिला डेनिसोवा ने कहा है कि मारियुपोल के थिएटर के मलबे से अब तक 130 लोगों को निकाला जा चुका है। बता दें कि इस थिएटर पर रूस ने बुधवार को एयर स्ट्राइक करते हुए जबरदस्त बमबारी किया था,बताया जाता है कि हमले के वक्त थिएयर में करीब 1300 लोगों ने शरण ले रखी थी,जिनमें बच्चे व महिलाएं भी शामिल थी।

इसी घटनाक्रम में यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा के हवाले से बताया जा रहा है कि उन्होंने यूरोपीय संघ के विदेश नीति प्रमुख जोसेप बोरेल से रूस के खिलाफ प्रतिबंधों के एक पैकेज पर बात की है। यूरोपीय ब्लॉक ने इस सप्ताह की शुरुआत में प्रतिबंधों के चौथे दौर को अनुमति दी थी। इसमें रूसी ऊर्जा क्षेत्र में निवेश, लग्जरी उत्पादों के निर्यात और रूस से स्टील उत्पादों के आयात पर प्रतिबंध शामिल हैं।

तो इसी दौरान यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने राष्ट्र के नाम संदेश में अतिरिक्त सैन्य सहायता के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन का आभार जताया। जेलेंस्की ने अपने एक वीडियो संबोधन में यह बात कही लेकिन यह नहीं बताया कि नए पैकेज में क्या चीजें शामिल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मैं इसकी जानकारी रूस को नहीं देना चाहता हूं।

उधर,विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) के एक अधिकारी के हवाले से एक रिपोर्ट सामने आ रही है जिसमें दावा किया गया है कि यूक्रेन में खाद्य आपूर्ति की श्रंखला टूट रही है। यहां बुनियादी ढांचों का एक हिस्सा नष्ट हो चुका है और कई किराना स्टोर और वेयरहाउस खाली पड़े हुए हैं। यूक्रेन संकट के लिए डब्ल्यूईपी के आपातकालीन समन्वयक जेकब कर्न ने कहा कि मारियुपोल जैसे शहरों में आपूर्ति समाप्त हो रही है और मानवीय मदद के काफिले शहर तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।

तो वहीं इसी कड़ी में यूक्रेन की वायु सेना के तरफ से एक जानकारी सामने आई है जिसमें कहा गया है कि लवीव में एयरक्राफ्ट रिपेयर प्लांट पर ब्लैक सी की ओर से दागी गई मिसाइल से हमला हुआ था। इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि दो और रूसी मिसाइलों को निशाने पर टकराने से पहले ही यूक्रेनी एंटी एयरक्राफ्ट डिफेंस ने मार गिराया था। बताते चले कि मिसाइल हमले के दौरान रिपेयर प्लांट में काम नहीं चल रहा था।

इधर,रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने आज जर्मनी के चांसलर ओलाफ स्कोल्ज से फोन पर बात की। इस दौरान पुतिन ने कहा कि कीव की ओर से रूस के साथ शांति वार्ता को टालने की कोशिशें की जा रही हैं,लेकिन मॉस्को वार्ता के लिए तत्पर है। पुतिन ने कहा कि कीव वार्ता की प्रक्रिया में देरी करने के हर संभव प्रयास कर रहा है।

तो वहीं ब्रिटेन के संचार नियामक ने यूक्रेन युद्ध कवरेज की जांच के बीच रूसी समर्थित ब्रॉडकास्टर आरटी का लाइसेंस रद्द कर दिया है।

इसी बीच एक अन्य रिपोर्ट के आधार पर दावा किया जा रहा है रूसी सेना ने पश्चिमी यूक्रेन में लवीव हवाईअड्डा क्षेत्र पर भीषण हमला करते हुए कई मिसाइलें दागी है,बताया जा रहा है कि इस हमले में भारी नुकसान की आशंका है।

इसी दौरान एक और भी दावा सामने आ रहा है जिसमें बताया गया है कि रूस ने यूक्रेन के डोनबास क्षेत्र पर नो-फ्लाई जोन स्थापित किया है।

तो वहीं एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार यह जानकारी सामने आई है कि यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने मेलिटोपोल के मेयर इवान फेडोरोव को ऑर्डर फॉर करेज से सम्मानित किया। बता दें कि फेडोरोव रूसी सेना के कब्जे में थे,उन्हें हाल ही में रिहा किया गया है। इस रिहाई के बदले में रूस ने अपने 9 सैनिकों को आजाद करवाया था।

इसी कड़ी में एक चौंकानें वाली रिपोर्ट सामने आई है जिसमें कहा जा रहा है कि यूक्रेन के समर्थन में अब अरब का पहला देश लेबनान आया है। जिसने यूक्रेन का समर्थन करते हुए रूस का विरोध किया है।

इन सबके बीच शुक्रवार को एक अन्य रिपोर्ट के हवाले से दावा किया जा रहा है कि यूक्रेन की एयर डिफेंड फोर्स ने रूस के 14 सैन्य ठिकानों को टारगेट करते हुए भीषण बमबारी करते हुए तबाह कर दिया है। बताया गया है कि यह एयरस्ट्राइक 17 मार्च को की गई थी। हालांकि रूसी फौज को कितना नुकसान हुआ है ? इसकी जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है।

उधर,रूस के आक्रमण के खिलाफ यूक्रेन के समर्थन में 203 नोबेल पुरस्कार विजेताओं ने पत्र लिखा है। इस पत्र में सभी ने कहा कि,रूस का यह कदम 1939 में पोलैंड पर नाजी जर्मनी के हमले की याद दिलाता है।
फिलहाल,रूस और यूक्रेन के बीच अभी भी भीषण जंग जारी है,अब यह लड़ाई कहां खत्म होगी ? अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी,लेकिन एक बात तो तय हो गई है कि रूस ने अपने दुश्मन के बारे में जितना अनुमान लगाया था वह गलत साबित हो रहा है,इसीलिए इस लड़ाई में यूक्रेन के साथ-साथ रूस को भी भारी कीमत चुकानी पड़ रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *