
फाईल फोटो, साभार- (सोशल मीडिया)
कीव/मॉस्को। रूस और यूक्रेन के बीच पिछले 26 दिनों से भीषण जंग जारी है,जहां इस दौरान युद्ध के शुरूआत से ही दुनिया भर के तमाम मीडिया हाउस एवं तमाम एक्सपर्ट एक हीं सुर में बस यही राग अलाप रहे थे कि रूस किसी भी समय पूरे यूक्रेन पर कब्जा कर लेगा,लेकिन वहीं इन सभी कथित दावों को दरकिनार करते हुए “सीक्रेट-ऑपरेशन” न्यूज पोर्टल समूह इस युद्ध के शुरूआत से लेकर अभी तक अपने इस दावें पर तटस्थ रहा कि रुस के लिए यूक्रेन आसान हीं नहीं एक मुश्किल टास्क है,और इस दावें को “सीक्रेट-ऑपरेशन” न्यूज पोर्टल पिछले 26 दिनों की जंग के बीच कई बार दोहराता रहा,जहां अब “सीक्रेट-ऑपरेशन” के इस दावें पर अब तक की सबसे बड़ी मुहर लगाने के क्रम में एक रिपोर्ट सामने आई है जिसमें रूसी सैनिकों के हवाले से बताया गया है कि ‘पुतिन जितना चाहे फौज भेज दे यूक्रेन को कभी नहीं जीत पायेंगें’जहां इस रिपोर्ट में और भी तमाम तरह के दावें किये गये हैं।
बताते चले कि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि रूसी सैनिक अब इस जंग में लगभग पस्त हो चुके हैं। निराश सैनिक अब घर लौटना चाहते हैं और इसके लिए वे खुद को गोली मारने के लिए भी तैयार हैं। वहीं इसी कड़ी में एक अन्य रिपोर्ट में यह भी दावा किया जा रहा है कि यूक्रेन में पकड़े गए रूसी सैनिक अब अपने लोगों से पुतिन के खिलाफ आवाज उठाने की अपील कर रहे हैं। ये सैनिक दुनिया को बता रहे हैं कि कैसे उनके साथियों को सामूहिक कब्रों में दफन किया जा रहा है ?
इसी घटनाक्रम में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रूसी सैनिकों के एक समूह ने अपनी सरकार के खिलाफ आवाज उठाने पर जोर दे रहे हैं,वहीं कुछ अन्य मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी कहा जा रहा है कि कुछ रूसी सैनिक इस युद्ध के खिलाफ अपने विरोध के बारे में पत्रकारों को बताते हुए भावुक हो गए,जहां इस दौरान रूसी सैनिक जेलेज़्नाक ने पुतिन को चेतावनी दी कि वह कभी भी यूक्रेन पर कब्जा करने के लिए पर्याप्त सैनिक नहीं भेज पाएंगे।
इसी कड़ी में इन रूसी सैनिकों ने आगे भी कहा कि पुतिन झूठे और धोखेबाज व्यक्ति हैं। वह यूक्रेन के शहरों,अस्पतालों और नागरिकों पर बम बरसा रहे हैं। रूस के लोगों.. यूक्रेन की जनता बहुत बहादुर है। वे रूसी उपकरणों को बिना हथियारों के भी रोक सकते हैं,वे सब एक हैं। रूसी सैनिकों ने आगे यहां तक भी कहा कि पुतिन चाहें जितनी सेना यहां भेज लें,वह कभी भी इस क्षेत्र पर कब्जा नहीं कर पाएंगे। हमारे कमांडर भी झूठे और धोखेबाज हैं। उन्होंने न सिर्फ हमारे साथ बल्कि पूरे रूस के साथ धोखा किया है।
तो वहीं रूसी सैनिक मुगसाद ने भी अपने देश के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि पुतिन के प्रोपेगेंडा को नजरअंदाज करें,लोग हमारी आक्रामकता को सदियों तक याद रखेंगे। उन्होंने माफी मांगते हुए कहा कि रूसी सैनिकों ने एक दिन में यूक्रेनी लोगों के शांतिपूर्ण जीवन को बर्बाद कर दिया।
वहीं एक अन्य रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि कुछ रुसी सैनिक यूक्रेन की बंदूक से अपने पैर पर खुद गोली मारकर इलाज के बहाने घर वापस लौटने का प्लान बना रहे हैं क्योंकि युद्ध से भगोड़े सैनिकों के लिए पुतिन की ‘डेथ स्क्वाड’ तैयार खड़ी है।
दरअसल,जब लड़ाई शुरू हुई थी तो दुनिया के एक बड़े वर्ग को लगता था कि रूसी फौज बहुत कम समय में यूक्रेन पर फतह कर लेगी,जिस वजह से रूसी फौज शुरूआत में हमले के दौरान सिर्फ यूक्रेन के मिलीट्री बेस को ही टारगेट करते हुए भीषण बमबारी करती रही,जहां इस दौरान यूक्रेन की तरफ से काउंटर अटैक में रूस का कुछ ज्यादा हीं नुकसान होने लगा और युध्द लंबा खिंचता चला गया तो ऐसे में रूस पूरी बर्बरता पर उतर गया और रिहायशी इलाकों को भी निशाना बनाते भीषण हमला झोंक दिया जो कि अभी भी जारी है,जिससे इन घातक हमलों के चपेट में यूक्रेन के आम नागरिकों के साथ-साथ बच्चे और महिलाएं भी आने लगे जिससे बेतहासा मृत्यु होने लगी,रुस के इस बर्बरता पूर्ण हमले को लेकर पूरी दुनिया में रूस के खिलाफ जबरदस्त आक्रोश पनप गया तो वहीं रूस में भी अपनी ही सरकार के खिलाफ भारी विरोध शुरू हो गया,जिसे दबाने के लिए रूस अपने ही देश में सख्ती पर उतर गया,जिस वजह से अब रूस के भीतर और बाहर भी स्थिति दिन ब दिन बदतर होती जा रही है और वहीं अभी तक रूस यूक्रेन पर पूरी तरह से कब्जा करने में अभी तक सफल नहीं हो सका है और अब ऐसे नाजुक वक्त में जंग पर मौजूद रूसी सैनिकों का हतोत्साहित होने वाली स्थिति जो कि रूस के लिए घातक साबित हो सकता है।
