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सांकेतिक तस्वीर
वाशिंगटन। दुनिया में आतंकवाद को बढ़ाने के लिए एक नई एवं खतरनाक साजिश की रिपोर्ट सामने आई है जिसमें यह दावा किया गया है कि यूएस और यूरोप में आतंकी घटनाओं को अंजाम देने के लिए 58 आतंकी संगठन 15 देशों में बच्चों की भर्ती कर रहे हैं।
इस्लाम खबर की रिपोर्ट के अनुसार बताया जा रहा है कि आतंकी संगठन आईएसआईएस ने बड़ी संख्या में युवाओं की भर्ती की है। वहीं एक अन्य रिपोर्ट में बताया गया है कि दो तरीकों से बच्चों की भर्तियां की जा रही है। कई बच्चों को सहानुभूति दिखाकर आतंकी बनाया जा रहा है और उन्हें विश्वास दिलाया जा रहा है कि आतंकी संगठन की सदस्यता लेने के बाद उनके समुदाय तथा परिवार की सुरक्षा होगी। दूसरा तरीका यह भी है कि इन बच्चों को अगवा कर या फिर तस्करी के माध्यम से लाकर उन्हें जबरन संगठन की सदस्यता दिलाई जा रही है।
बताते चले कि अफ्रिका में साल 1987 से लेकर अब तक युगांडा में Lord’s Resistance Army नामक संगठन ने 20,000 से ज्यादा बच्चों का अपहरण किया हुआ हैं,वहीं इसी तरह बोको हराम नाईजीरिया में काफी संख्या में लोगों को किडनैप किया जा चुका है। अप्रैल 2014 में चिबोक में अगवा की गईं 276 स्कूली छात्राओं और मार्च 2018 में दाप्ची के एक स्कूल से अगवा की गईं 110 से ज्यादा लड़कियां भी शामिल हैं। जबकि एशिया में आईएसआईएस का विस्तार जैसे-जैसे इराक में हुआ इसके सदस्यों ने हजारों बच्चों को अनाथआलयों, स्कूलों और यहां तक कि उनके घर से भी अपहरण कर लिया। मोसुल से करीब 900 बच्चों को मिलिट्री ट्रेनिंग के लिए अगवा किया गया था। फिलहाल रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि बच्चो का अपहरण अभी भी बदस्तूर जारी है।
इराक और सीरिया में करीब 40,000 विदेशी आईएसआईएस सदस्यों की पहचान की गई है। इनमें से 12 प्रतिशत आतंकी 18 साल से कम उम्र के थे। रिपोर्ट में यह भी साफ किया गया है कि इन लड़कों का इस्तेमाल एडल्ट सदस्य मानव ढाल के तौर पर करते हैं। इस रिपोर्ट में अफगानिस्तान का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है,और कहा गया है कि अफगानिस्तान में तालिबान बच्चों का अपहरण करता है ताकि आत्मघाती दस्ता तैयार हो।
कुल मिलाकर हम यहा पूरी दुनिया को और विशेष कर उन देशों को साफ चेतावनी दे रहे हैं कि जो कि अत्यंत शांतिप्रिय देश है,आतंकवाद मुद्दे पर यदि ईमानदारी के साथ सैन्य कार्यवाही जल्द नहीं की गई तो निश्चित रूप से ऐसे देशों की शांति खतरे में पड़ सकती है।
