एक्सक्लूसिव रिपोर्ट

इधर नेपाली आर्मी चीफ को भारत ने सम्मानित किया, उधर नेपाली अधिकारियों ने लिपुलेख के मुद्दे को एक बार फिर छेड़ दिया, इसमें तीसरे पक्ष का हाथ साफ-साफ दिखता है – हेमंत सिंह (स्पेशल एडिटर)


चीन के राष्ट्रपति (फाईल फोटो)

नई दिल्ली। एक बार फिर नेपाल की बदनियति की रिपोर्ट सामने आई है,खबर आ रही है कि नेपाल में इस समय अपने देश के 12वें जनगणना की तैयारियों में जुट गया है और अब इसी कड़ी में नेपाली अधिकारियों ने लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधुरा में जनगणना के लिए भारतीय अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश कर रहा है।

बताते चले कि नेपाल ने पिछले वर्ष मई में भारतीय इलाकों लिपुलेख, कालापानी व लिंपियाधुरा को अपनी सीमा में दिखाते हुए नया राजनीतिक नक्शा जारी किया था। भारत ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। साथ ही काठमांडू को आगाह किया था कि क्षेत्रीय दावों का ऐसा कृत्रिम विस्तार स्वीकार नहीं होगा।

बताया जा रहा है कि नेपाल की जनगणना से संबंधित संस्था सीबीएस द्वारा भारतीय अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की जा रही है। सीबीएस के एक अधिकारी के मुताबिक, संबंधित क्षेत्र के पांच गांवों में 700 से 800 की आबादी है।

अब इस नेपाली हरकत के पीछे साफ साफ ड्रैगन का हाथ समझ में आ रहा है कि, चूंकि एक वर्ष पहले भी नेपाल से भारत के बीच इसी मुद्दे पर जबरदस्त तनाव था, उस समय बात काफी बढ़ गई थी जहां बाद में इस घटनाक्रम में चीनी साजिश की रिपोर्ट सामने आई थी, अब यही हरकत एक बार फिर दोहराने की कोशिश समझ में आ रही है वो भी ऐसे समय में जब दो दिन पहले नेपाल के आर्मी चीफ को भारत ने सम्मानित किया है,इससे साफ जाहिर होता है कि नेपाल भारत जब जब अपने संबंधों को पहले से और अधिक मजबूत करने में आगे बढ़ते है तभी इस तरह की हरकतें सामने आती हैं जो कि सीधे सीधे उस दुश्मन की करतूत समझ में आती है जो कि लद्दाख बार्डर पर लगातार तनाव बढ़ाया हुआ है।

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