
नई दिल्ली। अमेरिकी सैनिकों के ठिकाने वाले इराक के उत्तरी इलाके में स्थित इरबिल इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास ड्रोन से हमला किया गया। इसकी जानकारी कुर्दिश सिक्योरिटी सर्विस ने दी है । जबकि हमले के वक्त ड्रोन नहीं राकेट का अंदेशा जताया जा रहा था।
बताते चले कि शुरुआत में कुर्दिश सिक्योरिटी की ओर से मिली जानकारी में बताया गया कि एयरपोर्ट के करीब कम से कम तीन राकेट दागे गए लेकिन बाद में यह स्पष्ट हुआ कि विस्फोटकों से भरे ड्रोन से हमला किया गया था। इसमें किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं है। वहां प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक इस इलाके में कम से कम छह धमाके सुने गए।
एक जानकारी के अनुसार कुर्दिस्तान आतंकरोधी टीम ने बताया यह हमला दो विस्फोटक ड्रोनों द्वारा हुआ है। बताया जा रहा है कि इस हमले से एयरपोर्ट पर उड़ाने प्रभावित नहीं हुई हैं और संचालन नियमित तरीके से जारी है। यह इलाका अमेरिकी आर्मी के मिलीट्री एयरबेस के लिए जाना जाता है और इसपर पहले भी कई हमले हो चुके हैं। सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि इन हमलों के पीछे ईरान समर्थित शिया समर्थकों का हाथ है।
फिलहाल अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ये विस्फोट ड्रोन या राकेट हमलों से कराया गया है । कुछ देर बाद एक टीवी चैनल ने कुर्दिस्तान के आतंक रोधी डायरेक्टरेट के हवाले से बताया कि शनिवार देर रात विस्फोटकों से भरे एक ड्रोन से हमला कराया गया। रुदॉ के अनुसार एयरपोर्ट के करीब कम से कम तीन धमाकों की आवाजें सुनी गई।
उल्लेखनीय हैं कि इसी साल फरवरी में उत्तरी इराक में स्थित अमेरिकी सेना को निशाना बनाने के मकसद से इरबिल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर राकेट से ही हमला किया गया था। एयरपोर्ट के करीब ही स्थित इलाके में तीन राकेट दागे गए। इस हमले में एक अमेरिकी नेतृत्व वाले गठबंधन के ठेकेदार की मौके पर ही हो गई थी और कई घायल भी हुए थे।
