एक्सक्लूसिव रिपोर्ट

दुआएं काम न आ सकी, ग्रुप कैप्टन वरूण सिंह भी अब हमारे बीच नहीं रहे, देश को लगा दोहरा झटका – राकेश पांडेय (स्पेशल एडिटर)


ग्रुप कैप्टन स्व.वरुण सिंह (फाईल फोटो)

नई दिल्ली। बीते सप्ताह तमिलनाडु के नीलगिरि जिले के कुनूर में हुए सैन्य चाॅपर क्रैश में सीडीएस जनरल बिपिन रावत समेत कुल 13 क्रू की मौत हो गई थी,लेकिन हैलीकॉप्टर में सवार एक अन्य क्रू ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह बच गए थे लेकिन गंभीर रूप से घायल होने की वजह से जारी ईलाज के दौरान बुधवार के सुबह उनका भी निधन हो गया है। उन्हें बचाने की सारी मुमकिन कोशिश बेकार साबित हो गई। हेलिकॉप्टर क्रैश हादसे में उनका शरीर 90 फीसदी से अधिक जल चुका था और उनकी हालत लगातार गंभीर बनी हुई थी। हाल ही में उन्हें इलाज के लिए चेन्नै से बेंगलुरु के सैन्य अस्पताल में शिफ्ट किया गया था। पूरे एक सप्ताह तक डॉक्टर उनके जीवन को बचाने के लिए संघर्ष करते रहे,लेकिन सफल नहीं हो सकें और उन्होंने दम तोड़ दिया।

ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह के निधन पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख और संवेदना व्यक्त किया। उनके निधन की सूचना वायुसेना ने भी सार्वजनिक कर दिया है। इस दौरान इंडियन एयरफोर्स ने ट्वीट कर बताया कि, ‘8 दिसंबर, 2021 को हुए हेलिकॉप्टर क्रैश में जख्मी बहादुर ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह के निधन की जानकारी देते हुए हमें बेहद दुख हो रहा है। भारतीय वायुसेना उनके परिवार के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करती है।’

वरुण सिंह के निधन से चॉपर क्रैश की असल वजह पता करने की एक बड़ी उम्मीद भी टूट गई है। सीडीएस जनरल बिपिन रावत के चॉपर को वरुण सिंह ही उड़ा रहे थे। माना जा रहा था कि यदि वरूण बच जाते तो वह इस हादसे की सच्चाई बता पाते,अफसोस,उनके निधन ने इस उम्मीद को भी तोड़ दिया है।
बताते चले कि 8 दिसंबर को चॉपर क्रैश में सीडीएस बिपिन रावत, पत्नी मधुलिका रावत और 11 अन्य सैन्य अधिकारियों की मौत हो गई थी। विमान में कुल 14 लोग सवार थे, जिनमें वरुण सिंह ही जीवित बचे थे। लेकिन अब उनकी भी मौत ने देश को बड़ा आघात दिया है।

गौरतलब है कि पिछले साल एक बड़ी तकनीकी खामी के चलते लड़ाकू विमान तेजस को संभावित दुर्घटना से सफलतापूर्वक बचा लेने के उत्कृष्ट कार्य के चलते ग्रुप कैप्टन सिंह को इसी साल अगस्त महीने में शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया था। इस हादसे में गंभीर रूप से घायल वरूण के लिए देश भर में उनके दीर्घायु होने की दुआएं मांगी जा रही थीं, अफसोस, दुआएं काम न आ सकी और आज वरूण सिंह भी हमारे बीच अब नहीं रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *