
सांकेतिक तस्वीर
बीजिंग। ‘क्वाड’ और ऑकस सुरक्षा समझौते से घबराए चीन ने अब ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका को प्रशांत महासागर में घेरने के लिए ऑस्ट्रेलिया के बेहद करीब स्थित 10 छोटे-छोटे देशों के साथ एक सुरक्षा समझौता करने जा रहा है। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने सोलोमन द्वीप के साथ इसकी शुरुआत भी कर दी है। वहीं अमेरिका अपने सहयोगी देशों के साथ चीन की इस हरकत पर पूरी नजर बनाया हुआ है।
बताया जा रहा है कि सोलोमन द्वीप पहुंचे चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने बेल्ट एंड रोड परियोजना शुरू करने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किया। चीन और प्रशांत महासागर के 10 देशों के बीच बने मसौदा प्रस्ताव में कहा गया है कि प्रशांत महासागर के ये देश सुरक्षा, निगरानी, साइबर सुरक्षा और आर्थिक विकास के क्षेत्रों में काम करेंगे। इस मसौदा प्रस्ताव पर चीन-प्रशांत द्वीपीय देशों के विदेश मंत्रियों में चर्चा होने की अपेक्षा है। यह बैठक फिजी में अगले सप्ताह होने जा रही है। चीनी विदेश मंत्री 10 क्षेत्रीय देशों के दौरे पर पहुंचे हैं। उनका किरिबाती, सामोआ, फिजी, टोंगा, वनुआतू, पापुआ न्यू गिनी और पूर्वी तिमोर जाने का भी कार्यक्रम है।
दरअसल,प्रशांत महासागर के ये द्वीप ऑस्ट्रेलिया के पूर्वोत्तर में स्थित हिंद प्रशांत क्षेत्र में बहुत अहम भू रणनीतिक महत्व रखते हैं। प्रशांत महासागर के ये द्वीप ऑस्ट्रेलिया के पूर्वोत्तर में स्थित हैं। यह वही जगह है जहां से अमेरिका के गुआम द्वीप से ऑस्ट्रेलिया के बीच जंगी जहाज गुजरते हैं। अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया दोनों ही इस बात से चिंतित हैं कि दक्षिण चीन सागर में आक्रामक रुख अपना रहा चीन अब अपनी पहुंच को प्रशांत महासागर में बढ़ा रहा है।
गौरतलब है कि अभी हाल ही में जापान में क्वाड नेताओं के बैठक से चीन बहुत चिंता में है,हालांकि क्वाड के गठन के बाद से चीन बेहद चिंता में था लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में स्थितियां बेहद नाजुक दौर में है और उसका सबसे बड़ा कारण यूक्रेन युध्द है,ऐसे में चीनी चिंता लाजिम है।
