
रूस के राष्ट्रपति पुतिन (फाईल फोटो)
मॉस्को/नई दिल्ली। रूस-यूक्रेन जंग जबसे शुरू हुआ है,तभी से तमाम तरह की फर्जी रिपोर्ट्स के आधार पर तमाम मीडिया संस्थान बिना तथ्यों की पड़ताल किये हीं एक निर्णय पर पहुंच कर न चाहते हुए भी मॉस्को के खिलाफ जारी दुष्प्रचार का हिस्सा बन जा रहे हैं। बता दे कि अभी कुछ सप्ताह पहले ही ब्रिटिश डिफेंस इंटेलीजेंस के हवाले से एक रिपोर्ट्स सामने आती है कि रूसी फौज के पास मात्र कुछ दिनों का हीं गोला बारूद बचा है। इतना ही नहीं इस दौरान और भी फर्जी दावें सामने आते रहें हैं,जहां यह भी दावा सामने आया था जिसमें कि कहा गया था कि रूस के राष्ट्रपति पुतिन को कैंसर की बिमारी है और वे सर्जरी कराने के लिए एडमिट होने वाले हैं,यही नहीं आगे भी कहा गया कि पुतिन की अनुपस्थिति में सेकेंड इन कमांड रूस की खुफिया एजेंसी से होगा,वहीं अब एक और रिपोर्ट के हवाले से दावा किया जा रहा है कि पुतिन को ब्लड कैंसर है और उनकी हालत ठीक नहीं है,अब बिना तथ्यों के पड़ताल किये हीं मीडिया संस्थान रिपोर्ट को ब्रेक करने में लग गये।
बताते चले कि एक बिजनेस मैगजीन ने एक रूसी अरबपति और एक पश्चिमी कारोबारी की बातचीत की रिकार्डिग के आधार पर दावा किया है कि पुतिन गंभीर रूप से बीमार हैं और उन्होंने अपनी जिद के चलते रूस, यूक्रेन और कई दूसरे देशों की इकोनॉमी तबाह कर दी है। जहां इस दौरान यह भी कहा गया कि इस जंग में अब तक 15 हजार रूसी सैनिक मारे जा चुके हैं। उसके मुताबिक, पुतिन बीमारी से जंग नहीं जीत पाएंगे और अगर जीत भी गए तो शायद उन्हें किसी तख्तापलट का शिकार होना पड़े।
वहीं इससे पहले एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि मॉस्को के सेंट्रल क्लिनिकल अस्पताल के सर्जन येवगेनी सेलिवानोव काला सागर तट पर स्थित पुतिन के महल में उनसे मिलने के लिए 35 बार जा चुके हैं। सेलिवानोव थायरॉयड कैंसर के विशेषज्ञ हैं।
अब यहां हम साफ कर दे कि जबतक क्रेमलिन इस संबंध कोई आधिकारिक बयान नहीं जारी करता तबतक इसे मात्र अफवाह समझना चाहिए,क्योंकि फ्रंट पर जब जंग भीषण हो जाती है तो दुश्मन की तरफ से इसी तरह के तथाकथित मनगढ़न्त रिपोर्ट्स मीडिया में चलाये जाते रहते हैं,क्योंकि द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान भी अक्सर फर्जी अफवाहें और रिपोर्ट्स सामने आते रहें थे,क्योंकि यह भी लड़ाई का एक हिस्सा होता है।
गौरतलब है कि जब इस साल 24 फरवरी को रूसी फौज एक स्पेशल मिलीटरी आॅपरेशन के तहत यूक्रेन में दाखिल हुई तो रूस के राष्ट्रपति पुतिन को हिटलर साबित करने के लिए दुश्मन की तरफ से तमाम दावे किये गये,जहां इस बीच पुतिन के खिलाफ दुनिया के तमाम देशों में भारी प्रदर्शन हुए यहां तक कि खुद रूस में भी पुतिन के खिलाफ भारी विरोध किया गया। इसलिए जब तक क्रेमलिन पुतिन से संबंधित कोई मेडिकल बुलेटिन नहीं जारी करता तब तक “सीक्रेट-आॅपरेशन” न्यूज पोर्टल समूह इस तरह की रिपोर्ट्स और दावें को खारिज करता रहेगा। क्योंकि इससे पहले भी तमाम दावें सामने आते रहें हैं जो कि कुछ समय बाद ही ऐसे मनगढ़न्त दावों की हवा निकल गई,इसलिये हम क्रेमलिन के आधिकारिक बयान का इंतजार करेंगे,उसके बाद ही तथ्यों के आधार पर आगे रिपोर्ट करेंगे।
