इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट

मिडिल ईस्ट में एक नये धर्म के जन्म लेने की रिपोर्ट आई सामने, इसे इजरायल और अमेरिका की बड़ी साजिश के रुप में देख रहे हैं लोग – सतीश उपाध्याय (सीनियर एडिटर)


सांकेतिक तस्वीर

दुबई। मध्य पूर्व में इस समय एक नये धर्म के जन्म लेने की रिपोर्ट सामने आई है। जिसमें बताया जा रहा है कि इस धर्म में कोई धार्मिक ग्रंथ नहीं है। हालांकि इस धर्म के अस्तित्व को लेकर अब तक कोई आधिकारिक घोषणा भी नहीं गई है। रिपोर्ट्स में इस नये धर्म का नाम “अब्राहमिक” बताया जा रहा है।

कुछ लोग इसे एक धार्मिक प्रोजेक्ट के रूप में देख रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह ईसाई,इस्लाम और यहूदी धर्म का मिश्रण है। इसका नाम पैगंबर अब्राहम के नाम पर रखा गया है। इस धर्म में इस्लाम, ईसाई और यहूदी धर्म की सामान्य बातें भी शामिल हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार मिडिल ईस्ट में अब्राहमिक धर्म की चर्चा पिछले एक साल से जारी है और इसे लेकर कई तरह के वाद-विवाद भी शुरू हो गए हैं। इसके पीछे इजरायल और अमेरिका की बड़ी साजिश होने की भी बातें सामने आ रही है। फिलहाल,इस धर्म का मकसद तीनों धर्मों के आपसी मतभेदों को दूर कर मिडिल ईस्ट के साथ-साथ पूरी दुनिया में शांति स्थापित करने का बताया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि ‘अब्राहमिया’ शब्द का इस्तेमाल सितंबर 2020 में संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन के साथ इजरायल के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर करने के साथ हीं शुरू हुआ था।

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके सलाहकार जेरेड कुशनर द्वारा प्रायोजित इस समझौते को ‘अब्राहमियन समझौता’ कहा गया था। वहीं इस समझौते को लेकर अमेरिकी विदेश विभाग का कहना है कि अमेरिका तीन अब्राहमिक धर्मों और सभी मानवता के बीच शांति को आगे बढ़ाने के लिए और धार्मिक संवाद का समर्थन करने की कोशिशों को बढ़ावा देता है।
अब यह नया धर्म मध्य पूर्व के साथ-साथ पूरी दुनिया में कितना नंबर पाता है ? यह तो आने वाला वक्त ही बता सकता है,लेकिन वाद-विवाद जोरों पर शुरू हो गया है और इसके साथ-साथ इस नये धर्म के उत्थान के पीछे इजरायल और अमेरिका का हाथ बताया जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *