
कीव/मॉस्को। बात जब युध्द की होती हैं तो उसमे जासूस शब्द अपने आप ही जुड़ जाता है,क्योंकि युध्द और जासूसी का चोली दामन का रिश्ता होता है,क्योंकि बिना इंटेलीजेंस रिपोर्ट के दुनिया की बड़ी से बड़ी सेना अपने किसी भी मिलीट्री आॅपरेशन को पूरा नहीं कर सकती,इसी घटनाक्रम आगे बताते चले कि पिछले एक महिने से यूक्रेन और रूस के बीच भीषण लड़ाई जारी है,जहां इस दौरान रूसी बमबारी में यूक्रेन के कई शहर भयानक रूप से मलबे में बदल चुके हैं,इस जंग में अब तक हजारों बेमौत मारे गए वहीं सैकड़ों घायल भी हुए हैं,जिस वजह से करीब 35 लाख यूक्रेन के नागरिक देश छोड़कर पड़ोसी देशों में शरण ले रखें है। इस दौरान दोनों पक्षों की तरफ से तमाम संदिग्धों को भी पकड़ा गया है जिन पर दुश्मन के लिए जासूसी करने का शक है,हालांकि कुछ ऐसी भी अफवाहें सामने आ रही है कि जिसमें कहा जा रहा है कि कुछ लोगों को जासूसी के शक में मारा जा चुका है लेकिन ऐसे दस्तावेज अभी तक सामने नहीं आये हैं जो इस तरह की घटनाओं की पुष्टि कर सकें।
इसी बीच यूक्रेन के ल्वीव से खबर आ रही है कि इस लड़ाई के 32वें दिन यूक्रेन के ल्वीव के क्षेत्रीय गवर्नर मैक्सिम कोजित्स्की ने बताया है कि एक व्यक्ति को शनिवार को विस्फोट स्थलों में से एक से जासूसी के संदेह में हिरासत में लिया गया था,जहां उसे एक रॉकेट को लक्ष्य की ओर जाते और हमला करने की पूरी घटना को रिकॉर्ड करते गिरफ्तार किया गया है,कोजित्स्की ने कहा कि पुलिस को उसके फोन में चौकियों की तस्वीरें भी मिलीं हैं, जिन्हें रूस में दो नंबरों पर भेजा गया था। फिलहाल,इस संदिग्ध को हिरासत में रखकर यूक्रेन की ऐजेंसियां आगे की पूछताछ कर रही है।
