
कीव/मॉस्को। यूक्रेन संकट में युद्ध से संबंधित सारे अंतर्राष्ट्रीय नियम-कानून अब पूरी तरह से तार-तार हो चुके हैं,सिर्फ और सिर्फ जीत की वहशी सनक में यूक्रेन को पूरी तरह से रौंदा जा रहा है,और पूरी दुनिया महज औपचारिकता निभानें भी जुटी हुई है। बता दें कि जिस तरह की रिपोर्ट सामने आ रही है कलेजा मुंह को आ जा रहा है,ऐसा लग रहा है कि जैसे यूक्रेन में इंसान नहीं रहते शायद इसी वजह से यूक्रेन में जमकर क्रूरता की जा रही है,वहीं यूक्रेन के नेताओं का कहना है कि रूसी सैनिक 10-10 साल की लड़कियों को भी नहीं छोड़ रहे हैं। इन नाबालिग मासूमों के साथ गैंगरेप करके उनके शरीर पर स्वास्तिक जैसा निशान भी बनाया जा रहा है।

सांकेतिक तस्वीर।
प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार बताया जा रहा है कि रूसी सैनिक यूक्रेन की राजधानी कीव के आसपास के क्षेत्र से कई दूसरे शहरों की और बढ़ चुके हैं,लेकिन जहां-जहां से वे गुजर रहे हैं,वहां जंग के कभी न भरने वाले जख्म भी छोड़कर जा रहे हैं. रूस के सैनिक यूक्रेनी महिलाओं और मासूम बच्चियों के साथ इस कदर हैवानियत कर रहे हैं कि उसकी कल्पना करना भी मुश्किल है।
वहीं एक अन्य जानकारी के अनुसार बताया गया कि 14 साल की एक लड़की के साथ पांच रूसी सैनिकों ने रेप किया,जिसके बाद लड़की प्रेग्नेंट हो गई। इस पीड़ित बच्ची का इलाज करने वाले डॉक्टरों का कहना है कि पीड़िता बच्ची अबॉर्शन नहीं करवा सकती क्योंकि अगर अबॉर्शन हुआ तो वह दोबारा मां नहीं बन पाएगी। अब ऐसे में लड़की के परिजन बच्चे को जन्म दिलवाने के लिए मजबूर हैं।
बताया जा रहा है कि अब तक ’14, 15, 16 साल की कई लड़कियों के साथ रेप हुआ है। युद्ध के बाद यूक्रेन में कई प्रेग्नेंट किशोरियां होगी। इस तरह के यौन अपराधों का शिकार बनी आबादी में महिलाएं,पुरुष और छोटे बच्चे भी शामिल हैं।
इसी कड़ी में एक और भी चौंकानें वाली रिपोर्ट सामने आई है जिसमें कहा गया है कि यूक्रेन के फोरेंसिक डॉक्टर व्लादिस्लाव पिरोवस्की ने बताया है कि उनके पास पहले से ही कुछ मामले हैं जो बताते हैं कि इन महिलाओं को गोली मारने से पहले इनके साथ दुष्कर्म किया गया था। ये क्षेत्र पर रूस के महीने भर के कब्जे के दौरान मारी गईं।
गौरतलब है कि इस साल बीते 24 फरवरी से रूस ने यूक्रेन पर आक्रमण किया हुआ है जो कि लगातार जारी है,इस दौरान यूक्रेन के सीविलियन इलाकों पर भी भीषण बमबारी की गई जिसमें काफी संख्या में आम नागरिक मारे गए जिसमें महिलाएं व बच्चे भी शामिल हैं। वहीं बहुत से सीविलियन अभी भी अस्पतालों में भर्ती है। इसी वजह से करीब 45 लाख यूक्रेनियन देश छोड़कर पड़ोसी देशों में शरण ले रखें है। इस दौरान बूचा नरसंहार की भी रिपोर्ट सामने आई जिसमें दावा किया गया कि रूसी फौज ने बूचा नरसंहार के दौरान क्रूरता की सारी हदों को पार कर दिया था,हालांकि मॉस्को ने इस नरसंहार के आरोपों को खारिज कर दिया था लेकिन अब यूक्रेन में जिस तरह से नाबालिग लड़कियों के साथ बर्बरता पूर्वक बलात्कार किया जा रहा है इसके बारे में क्रेमलिन क्या कहेगा ? लेकिन जिस तरह की यूक्रेन से खबरें आ रही है दिल दिमाग को हिलाकर रख दे रही है, जो कि बरदाश्त के बाहर है, विश्वास हीं नहीं हो रहा है कि हम 21वीं सदी में जी रहे हैं।
