
यूक्रेनी सैनिक,फोटो साभार -(यूक्रेन के डिफेंस मिनिस्ट्री के ट्वीटर से)
कीव। जबसे रूस के साथ जंग छिड़ा हुआ है उसके बाद से ही यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की की मुश्किलें बढ़ती हीं जा रही है। जहां अब यूक्रेन इस भयानक जंग के बीच भ्रष्टाचार से जूझता दीख रहा है। क्योंकि,इस जंग में एक ओर यूक्रेन के सैनिक मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों
का बलिदान करने से नहीं चूंक रहे हैं तो वही दूसरी तरफ यूक्रेन की कैबिनेट लगातार लूट को अंजाम दे रही है। यही कारण है कि यूक्रेन के डिफेंस मिनिस्टर रेजनिकोव को पद से हटाने का फैसला किये जाने की रिपोर्ट सामने आई है। बताया जा रहा है कि इनकी जगह अब यूक्रेन के मिलिट्री इंटेलिजेंस चीफ किर्लो बुदानोव लेंगे। बता दे कि यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की की पार्टी ने रविवार को इसकी घोषणा की है।
जेलेंस्की की सर्वेंट ऑफ पीपल पार्टी के हेड डेविड अर्खामिया ने टेलीग्राम के जरिए ओलेक्सी को पद से हटाए जाने की जानकारी दी है,उन्होंने लिखा कि जंग के दौरान यूक्रेन का रक्षा मंत्रालय किसी नेता की बजाय किसी ऐसे व्यक्ति के हाथ होना चाहिए जिसके पास फौज का अनुभव हो। बता दे कि ओलेक्सी रेजनिकोव जंग शुरु होने के 3 महीने पहले नवंबर 2021 में ही यूक्रेन के रक्षा मंत्री बने थे। जेलेंस्की की पार्टी के हेड डेविड अर्खामिया ने बताया कि ओलेक्सी रेजनिकोव को अब कोई दूसरा मंत्रालय सौंपा जाएगा। इस बीच जब रेजनिकोव से इसके बारे में पूछा गया तो उन्हें साफ कह दिया कि वो किसी भी दूसरे मंत्रालय को स्वीकार नहीं करेंगे। बता दे कि रक्षा मंत्रालय से हटाए जाने की घोषणा होने से पहले उन्होंने कहा था कि कोई भी हो हमेशा पद पर नहीं रहता है। मैं वहीं करूंगा जो जेलेंस्की मुझे कहेंगे।
दरअसल,इस साल के बीते 24 जनवरी को यूक्रेन के डिप्टी डिफेंस मिनिस्टर याचेस्लाव शापोवालोव को भ्रष्टाचार से जुड़े एक स्कैंडल में फंसने के बाद इस्तीफा देना पड़ा था। यही कारण है कि इसी स्कैंडल के चलते अब ओलेक्सी रेजनिकोव को भी हटाया जा रहा है। हालांकि, ओलेक्सी पर सीधे तौर पर भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं लगा है। वहीं माना जा रहा है कि जंग के बीच रक्षा मंत्रालय में हुए स्कैंडल से दुनिया भर में यूक्रेन की छवि बिगड़ी है। जिसका खामियाजा ओलेक्सी को भुगतना पड़ा है।
बताते चले कि यूक्रेन के एक अखबार में इसी 21 जनवरी को छपी रिपोर्ट में दावा किया गया था कि डिप्टी डिफेंस मिनिस्टर के निर्देश पर मंत्रालय ने खाने के सामान का कॉन्ट्रेक्ट तीन गुना ज्यादा महंगे दाम पर साइन किया था। जिसमें एक अंडा जो कीव की दुकानों में 15 रुपए में मिलता है उसे 37 रुपए के भाव से खरीदा गया था। अंडे के साथ-साथ कुछ और भी खाने के सामानों को महंगे दामों पर खरीदा गया था। इससे पहले अभी हाल ही के दिनों में यूक्रेन के कई बड़े अधिकारी और मंत्री इसी तरह के भ्रष्टाचार के स्कैंडल में फंसे हैं। जहां जेलेंस्की इनसे लगातार इस्तीफे मांग रहे हैं। पिछले हफ्ते 15 अधिकारियों को बर्खास्त किया जा चुका है। वहीं यूक्रेन के डिप्टी इंफ्रास्ट्रक्चर मिनिस्टर से भी इस्तीफा लिया चुका है।
