
भारतीय एअरक्राफ्ट (फाईल फोटो)
वाशिंगटन। चीन के खिलाफ उसके हर साजिश को बेनकाब करने के मिशन पर जुटा अमेरिकी रक्षा विभाग ने चीन की एक और साजिश का पर्दाफाश करते हुए एक और रिपोर्ट जारी किया है जिसमें बताया गया है कि चीनी सेना रासायनिक और जैविक हथियार बनाने पर जोर शोर से काम कर रही है। इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि चीन संभावित दोहरे उपयोग वाले जैविक हथियार की गतिविधियों में लगा हुआ है। चीन इन जैविक, विषाक्त और रासायनिक हथियारों का अनुपालन किस तरह से करता है ? ये तो आने वाला वक्त ही बता सकता है।
पेंटागन की इस रिपोर्ट में यह भी साफ किया गया है कि चीन अपने परमाणु अस्त्रों के भंडार में तेजी से बढ़ोतरी कर रहा है और साल 2030 तक उसके उस पास मौजूद परमाणु हथियारों की संख्या कम से कम 1000 तक पहुंच सकती है।

भारतीय सबमरीन (फाईल फोटो)
पेंटागन द्वारा आये दिन गंभीर खुलासे से भारत में भी सियासत गर्म हो गई है,भारतीय कांग्रेस ने शनिवार को अपने एक बयान में कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चीन को दी गई ‘क्लीनचिट’ वापस लेते हुए माफी मांगनी चाहिए और देश को यह बताना चाहिए कि चीन के साथ लगी सीमाओं पर अप्रैल, 2020 की यथास्थिति कब तक बहाल होगी ? कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता पवन खेड़ा ने पेंटागन की एक रिपोर्ट के अनुसार कई तरह से प्रधानमंत्री को घेरने की कोशिश किये।
अब लाख टके का सवाल है कि दुश्मन दिन ब दिन खुद को मजबूत करते हुए सिर पर चढ़ते हीं चला आ रहा है और हम अभी तक खामोश है क्यों ? आखिर इंतजार किस बात का है ? जबकि दुनिया का एक बड़ा वर्ग चीन के खिलाफ है फिर भी हम हाथ पर हाथ धरें हुए हैं, आखिर दुश्मन को जवाब कब दिया जायेगा ?
