अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्जा हो गया है। अफगानिस्तान में तालिबान ने जितनी तेजी से कब्जा किया है उससे हर देश हैरान है। भारत, अमेरिका, कतर, उज्बेकिस्तान, ब्रिटेन, यूरोपीय संघ, जर्मनी जैसे कई देशों ने ऐलान किया है कि वे अफगानिस्तान में तालिबान शासन को मान्यता नहीं देंगे। हालांकि, दूसरों को शांति का पाठ पढ़ाने […]
एक्सक्लूसिव रिपोर्ट
इथोपियन महिलाओं पर टिग्रे लिबरेशन फ्रंट आर्मी कर रही हैं अत्याचार,आये दिन निर्दयता पूर्वक हो रहा बलात्कार,लोगों से हथियार उठाने की हो रही है अपील – राकेश पांडेय (स्पेशल एडिटर)
एमनेस्टी की रिपोर्ट के मुताबिक टिग्रे में दर्जनों महिलाओं ने देश के सैनिकों और सहयोगी बलों द्वारा यौन हमलों पर अपना दर्द बयान किया है. रिपोर्ट कहती है वारदात को अंजाम देने वाले अपने कमांडर से सजा के डर बिना ऐसे करते हैं.संकट प्रतिक्रिया पर जांचकर्ता डोनाटेला रोवेरा कहती हैं, ”ये सभी सैनिक शुरू से […]
तालिबानी आतंकियों के डर से अफगानिस्तान के उप राष्ट्रपति भागे देश छोड़कर,तजाकिस्तान में लिये हुए है शरण – राकेश पांडेय (स्पेशल एडिटर)
अमरुल्लाह सालेह अफगानिस्तान के उप-राष्ट्रपति हैं। इन दिनों वह लगातार ख़बरों में हैं। तालिबान को लेकर लगातार पाकिस्तान के रोल पर सवाल उठाते रहे हैं। 13 अगस्त को सोशल मीडिया पर लोगों ने लिखा कि तालिबान के डर से अमरुल्लाह तजाकिस्तान भाग गए हैं। इसके बाद पाकिस्तान के लोगों ने उन्हें ट्रोल करना शुरू कर […]
पाकिस्तानी नेता का बड़ा दावा,मेड इन पाकिस्तान लिखे हथियारों का इस्तेमाल कर रहा है तालिबान,तालिबानियों की जीत से खुश हैं पाक आर्मी कमांडर – चंद्रकांत मिश्र (एडिटर इन चीफ)
पाकिस्तान के एक पूर्व सांसद ने देश के जनरलों पर तालिबान को पूरी तरह से समर्थन देने का आरोप लगाया है। अवामी नेशनल पार्टी (ANP) के सदस्य अफरासियाब खट्टक ने कहा कि अफगानिस्तान में तालिबान के बढ़ते कब्जे से पाकिस्तान बहुत खुश है। BBC को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि तालिबान अफगानिस्तान में पाकिस्तान […]
आज हीं के दिन 600 निहत्थे बलूचियों का पाकिस्तान आर्मी ने किया था कत्ल,12 अगस्त सन 1948 की इस घटना को याद कर आज भी सिहर उठते है बलूची – सतीश उपाध्याय (सीनियर एडिटर)
पाकिस्तान के पश्तून समुदाय के लिए आज का दिन एक काली तारीख के तौर पर दर्ज है. दरअसल, 12 अगस्त 1948 को पाकिस्तान के उत्तर पश्चिम सीमा प्रांत (NWFP) में बबरा नरसंहार (Babrra massacre) हुआ. यहां पर ‘खुदाई खिदमतगार आंदोलन’ (Khudai Khidmatgar movement) के निहत्थे पश्तून समर्थकों पर सामूहिक गोलीबारी की गई. इस हमले में […]
एक 22 वर्षीय महिला पत्रकार की अफगानिस्तान में उसकी आप बीती, कितना डरावना और भयानक माहौल हैं वहां का – राकेश पांडेय (स्पेशल एडिटर)
काबुल अफगानिस्तान में क्रूरता का पर्यायवाची शायद तालिबान ही कहा जाएगा। यह कट्टरपंथी इस्लामिक संगठन खुद को पहले के मुकाबले ‘सुधरा हुआ’ और नरम बताता है लेकिन देश की युद्धग्रस्त जमीन से बाहर आतीं पुकारें इसकी निर्दयता और हैवानियत जाहिर करती हैं। ऐसी ही एक आवाज है देश की एक युवा महिला पत्रकार की। ‘द […]
