इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट

सीक्रेट आपरेशन का अब तक का बड़ा खुलासा, परमाणु हथियारों की बढ़ोत्तरी के चलते पाकिस्तान में रेडिएशन से कैंसर में भारी इजाफा, प्लानिंग कर छुपाया डाटा – चंद्रकांत मिश्र (एडिटर इन चीफ)


सांकेतिक तस्वीर।

इस्लामाबाद/नई दिल्ली। यूं तो आतंकिस्तान के नाम से पूरी दुनिया में पाकिस्तान पहले से ही बदनाम है वहीं अब अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान का एक और खूनी खेल का खुलासा हुआ है, जहां वह इस पूरे घटनाक्रम को इतनी सफाई से काफी समय से इसे दबाकर खामोश है कि पूरी दुनिया की किसी भी इंटल ऐजेंसी को इसके इस ख़तरनाक करतूत के बारे में अभी तक जरा सा भी भनक नहीं है, लेकिन “सीक्रेट आपरेशन” न्यूज पोर्टल की पैनी नजर के रडार पर पाकिस्तान का यह साजिश डिटेक्ट हो गया है, जिसे हम संक्षिप्त रूप से यहां पूरी जिम्मेदारी के साथ-साथ बेहद महत्वपूर्ण तथ्यों के साथ पब्लिक कर रहे हैं।

दरअसल, हाल ही में हमें विभिन्न स्त्रोतों के माध्यम से यह जानकारी मिली थी कि पाकिस्तान में कैंसर बिमारी से संबंधित दवाइयों व अन्य संबंधित उपकरणों का आयात अचानक तेजी से बढ़ रहा है, शुरू में तो इसे हमारे न्यूज आर्गेनाइजेशन द्वारा महज एक सामान्य घटना समझा गया, लेकिन जब और भी रिपोर्ट इस मामले में हमारे संज्ञान में आई तो तफ्तीश का दायरा बढ़ा और जो परिणाम हमें जो प्राप्त हुआ, बेहद हैरान कर देने वाला था, इससे भी बढ़कर सबसे बड़ी हैरानी इस बात पर हुई कि वर्ल्ड लेवल पर तमाम अंतर्राष्ट्रीय स्तर की वेल प्रोफेशनल इंटल एजेंसियां लगातार सक्रिय हैं जो कि दशकों से पाकिस्तान पर पूरी निगाह बनाई हुई है फिर भी इतने बड़े घटनाक्रम को ये एजेंसियां मिस कैसे कर गयी ? यह अपने आप में सबसे बड़ा सवाल है।

खैर, अब हम अपनी तथ्ययुक्त जांच पर फोकस करते हैं, दरअसल पाकिस्तान पिछले कुछ सालों से कैंसर बिमारी की सूची में वर्ल्ड लेवल पर तीसरे नंबर पर चल रहा है लेकिन वह इस बिमारी से संबंधित अपने तमाम डाटा को वह टाप सीक्रेट रखे हुए है ताकि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को गुमराह करने में सफल रहे, चूंकि यह बिमारी ज्यादातर यूरेनियम के रेडिएशन से फैलता है,जी हां यह वही यूरेनियम है जिससे बेहद ख़तरनाक परमाणु बम बनाया जाता है, शायद यही कारण है कि पाकिस्तान के नागरिकों की एक बड़ी संख्या पिछले कुछ सालों से इन्हीं रेडिएशन के चलते कैंसर जैसी भयानक बिमारी की चपेट में आ चुकी है। लेकिन पाकिस्तान अपने हीं नागरिकों से संबंधित इस बिमारी को वर्ल्ड लेवल पर शो इसलिए नहीं कर रहा है ताकि उसके द्वारा की जा रही गलतियों के चलते यूरेनियम के रेडिएशन की जानकारी वैश्विक समुदाय को न होने पाए, चूंकि परमाणु निगरानी से संबंधित अंतर्राष्ट्रीय संगठन पहले ही इस बात की घोषणा कर चुका है कि पाकिस्तान अपने परमाणु हथियारों के विकास पर लगातार सक्रिय हैं, जिससे उसके यहां परमाणु हथियारों की संख्या में बढ़ोतरी भी हुई है।

जहां पाकिस्तान द्वारा अपने परमाणु हथियारों की बढ़ोत्तरी संबंधी रिसर्च व परिक्षण के चलते संबंधित स्थानीय स्तर पर तेजी से रेडिएशन फैल रहा है, जहां इसकी चपेट में वहां के आम लोग आ रहे हैं, लेकिन पाकिस्तान की सेना व वहां की एजेंसी यह नहीं चाहती कि उसके परमाणु हथियारों से संबंधित कोई भी रिपोर्ट वैश्विक समुदाय का ध्यान आकर्षित करें जो कि उसके लिए एक बड़ा सरदर्द साबित हो, रही बात पाकिस्तान के आम नागरिकों के हितों की तो पाक फौज को तनिक भी फर्क नहीं है कि रेडिएशन से उसके आम नागरिक कितना प्रभावित हो रहे हैं, वह तो बस इसी होड़ में है कि वह चोरी चुपके कितना अधिक परमाणु हथियार बना ले, इसीलिए वह कैंसर रोगियों के डाटा को इतना लूप करके रखा हुआ है कि दुनिया की कोई भी खुफिया एजेंसी की नजर उसके इस हरकत पर नहीं पड़ रही है,रही बात WHO की तो उसके सर्वे में कैंसर रोगियों की संख्या पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा चीन फिर अमेरिका और तीसरे नंबर पर भारत का है, जबकि असल में इस सूची में तीसरे नंबर पर पाकिस्तान है, लेकिन पाकिस्तान द्वारा ऐसे रोगियों के डाटा को छुपाने की वजह से पाकिस्तान दुनिया की नजरों से अब तक बचा हुआ है।

मतलब,हमारी पड़ताल में यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया है कि पाकिस्तान अपने परमाणु हथियारों की संख्या में बढ़ोतरी के कारण उसके परीक्षण व रिसर्च के चलते वहां की एक बड़ी संख्या कैंसर से पीड़ित हो गई है, जिसकी संख्या से संबंधित डाटा को पाकिस्तान द्वारा जानबूझकर सिर्फ इस आशय से छुपाया जा रहा है ताकि रेडिएशन की बात सामने न आने पाए, नहीं तो वैश्विक स्तर पर उसे भारी दबाव का सामना करना पड़ सकता है, रही बात कैंसर रोगियों के संबंध में तो वह भारी पैमाने पर कैंसर से संबंधित दवाइयों व संबंधित उपकरणों को वह दुनिया के कई देशों से आयात कर रहा है ताकि यह साबित न हो सकें कि वह भारी पैमाने पर इन चीजों को आयात कर रहा है, यानि थोड़ा-थोड़ा करके कई देशों से मंगा रहा है। और उसका परमाणु हथियारों से संबंधित परीक्षण व रिसर्च लगातार जारी है वो भी पाकिस्तान के आम नागरिकों के हितों को नजरंदाज करते हुए।

और यह सर्वविदित है कि पाकिस्तान में कहने भर को लोकतंत्र है जबकि असलियत में वहां सेना और उसकी खुफिया एजेंसी आईएसआई का कंट्रोल है। ऐसे में वहां की किसी भी एजेंसी या विभाग पर आंख मूंदकर कतई भरोसा नहीं किया जा सकता है। फिलहाल, हमको जो तथ्य प्राप्त हुए उसको यहां जनहित में हमने पब्लिक कर दिया है, अब वैश्विक स्तर की ऐजेंसियों को हमारे इस रिपोर्ट का तत्काल संज्ञान लेना चाहिए और हमारे इस दावें की जांचोपरांत पाकिस्तान के इस महा कुकृत्य के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए, नहीं तो वह दिन दूर नहीं कि जब पाकिस्तान का वायुमंडल, पर्यावरण व पानी पूरी तरह से रेडिएशन के प्रभाव में आ जायेगा, फिर क्या पाकिस्तान पूरी दुनिया में रेडिएशन फैला देगा जो कि बिना किसी युद्ध के हीं अपने नागरिकों के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर भी भारी मानवीय संकट पैदा कर देगा।

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