
सांकेतिक तस्वीर।
मास्को/कीव। रूस-यूक्रेन जंग के बीच यूक्रेन की मदद में अभी तक तुर्की के Dron और अमेरिका के राकेट लांचर बहुत उपयोगी साबित हो रहे थे। हालांकि ये हथियार इस जंग में आवश्यकता से कम ही उपलब्धि दे पा रहे थे। जहां यूक्रेन की तरफ से बार-बार हैवी हथियारों की मांग को देखते हुए अमेरिका ने लंबी दूरी तक मार करने वाले रॉकेट HIMARS को यूक्रेन की मदद में भेज दिया। इस रॉकेट की आपूर्ति मिलते ही यूक्रेन रूसी फौज पर अब कहर ढा रही है। क्योंकि यूक्रेन की तरफ से दावा किया जा रहा है कि उसने रॉकेट और मिसाइलों की बारिश करके देश के दक्षिणी हिस्से में स्थित खेरसोन इलाके में बने रूस के हथियारों के डिपो को तबाह कर दिया है। बता दे कि यूक्रेन के दावे के अनुसार बताया जा रहा है कि उसके हमले में रूस की तोपें,आमर्ड वीइकल और गोला बारूद का गोदाम नष्ट हो गया है। यही नहीं यूक्रेन ने यह भी दावा किया है कि रूस ने यहां पर अपने अत्याधुनिक S-400 सिस्टम को तैनात किया है लेकिन वह भी अमेरिका के इस रॉकेट हमले रोकने में नाकाम साबित हो रहा।
वहीं,रूस ने भी दावा किया कि यूक्रेन के हमले में नागरिक आधारभूत ढांचा तबाह हुआ है और 7 लोग मारे गए हैं। दरअसल,यूक्रेन के खेरसोन शहर पर जिस वेयरहाउस को यूक्रेन द्वारा निशाना बनाया गया है,उसमें दुकानें थीं,एक मेडिकल स्टोर और पेट्रोल स्टेशन था। यहां तक कि एक चर्च भी था। इस बीच यूक्रेन की सेना के खुफिया दस्ते ने एक अन्य बयान में कहा है कि उसने खेरसोन में विशेष अभियान चलाकर 5 बंधकों को मुक्त करा लिया है। इसमें कई सैन्य अधिकारी शामिल हैं। चूंकि यूक्रेन की कोशिश है कि वह किसी तरह से जवाबी हमला करके खेरसोन पर फिर से कब्जा कर ले। बता दे कि इस रॉकेट की फायरिंग रेंज 80 किमी है।
गौरतलब है कि इस साल बीते 24 फरवरी को जबसे रूसी फौज यूक्रेन के उपर हमला शुरू किया है तभी से यूक्रेन अपने सहयोगी देशों से लगातार हैवी हथियारों की मांग कर रहा था,लेकिन रूस की वजह से सहयोगी देश यूक्रेन को सिर्फ डिफेंसिव स्तर के ही हथियार उपलब्ध करा रहे थे। जिस वजह से यूक्रेन को भारी नुकसान उठाना पड़ा। वक्त की मांग देखते हुए अमेरिका व अन्य सहयोगी देशों ने यूक्रेन को हाई रेंज के रॉकेट व अन्य घातक हथियारों की आपूर्ति शुरू कर दिये। जिससे यूक्रेन अब और भी घातक तरीके से रूसी फौज पर कहर ढा रहा है।
