इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट

“सीक्रेट आपरेशन” न्यूज पोर्टल का बड़ा दावा, दोहा में पाकिस्तानी PM और इजरायली खुफिया ऐजेंसी के अधिकारियों के बीच हुई कथित “सीक्रेट मीटिंग” की रिपोर्ट पाक खुफिया ऐजेंसी के पूर्व डीजी लेफ्टिनेंट जनरल फैज ने हीं करायी लीक – चंद्रकांत मिश्र (एडिटर इन चीफ)


ISI के पूर्व डीजी फैज,साभार-(सोशल मीडिया)

इस्लामाबाद। पाकिस्तानी PM और इजरायली खुफिया ऐजेंसी के अधिकारियों के बीच मंगलवार को कतर की राजधानी दोहा में हुई कथित सीक्रेट मीटिंग की रिपोर्ट पाकिस्तानी खुफिया ऐजेंसी ISI के पूर्व डीजी रहे लेफ्टिनेंट जनरल फैज ने हीं लीक करायी है। बता दे कि एक रिपोर्ट के हवाले से इमरान सरकार में मंत्री रही शिरीन मजारी ने खुलासा करते हुए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और पाक विदेश मंत्रालय से सवाल किया है कि पाक PM की प्लेन और इजरायली खुफिया ऐजेंसी मोसाद की स्पेशल प्लेन कतर के दोहा एअरपोर्ट पर अगल-बगल एक साथ 9 घंटे क्यों खड़े रहे ? शिरीन के खुलासे के बाद पाकिस्तान में सियासी तूफान खड़ा हो गया है। जहां इस बीच “सीक्रेट आॅपरेशन” न्यूज पोर्टल को एक महत्वपूर्ण सूत्र के जरिये यह रिपोर्ट मिली कि पाक PM और इजरायली ऐजेंसी “मोसाद” के अधिकारियों के बीच दोहा में कथित सीक्रेट मीटिंग की रिपोर्ट पाकिस्तानी खुफिया ऐजेंसी के पूर्व डीजी रहे लेफ्टिनेंट जनरल फैज हामिद ने लीक करायी है।

दरअसल,एक रिपोर्ट्स के हवाले से इमरान खान की सरकार में पूर्व मंत्री रही शिरीन ने यह खुलासा किया कि बीते मंगलवार को पाकिस्तानी प्रधानमंत्री दुबई पहुंचे और यहां उनके एयरक्राफ्ट के ठीक बगल में इजराइली खुफिया ऐजेंसी मोसाद का एयरक्राफ्ट कुछ घंटे बाद आकर खड़ा हो गया। मोसाद का यह स्पेशल मिशन जेट था। इसका नंबर n467am था। और यह दोहा एयरपोर्ट पर करीब 9 घंटे रुका रहा।

जहां पाक PM शहबाज और मोसाद के एयरक्राफ्ट एक-दूसरे के बगल में 9 घंटे खड़े रहे। इसी खुलासे के बाद शिरीन हमलावर हो गई और उन्होंने पूछा कि हमें यह बताया जाए कि यह महज इत्तेफाक था या कुछ और? क्या शहबाज या उनके अफसरों ने एयरक्राफ्ट में मोसाद के अफसरों से सीक्रेट मुलाकात की। क्या ये इसलिए किया गया ताकि मीडिया की नजरों में यह मामला न आ जाए?

इसी मुद्दे को लेकर शिरीन ने इस मामले पर आगे भी लिखा कि मैं जो दावा कर रही हूं वो ओपन सोर्स के बेस पर है। प्लेन ट्रैकिंग वेबसाइट्स पर भी इसका डेटा मौजूद है। अगर मेरे आरोप गलत हैं तो शहबाज शरीफ या विदेश मंत्रालय को इनका खंडन करना चाहिए। क्या अमेरिका ने हमारी सरकार अपने इसी एजेंडा (इजराइल को मान्यता दिलाने) को पूरा करने के लिए गिराई।

चूंकि,शहबाज इसी हफ्ते मंगलवार और बुधवार को कतर दौरे पर गए थे। उनके साथ पाकिस्तानी सेना कुछ बड़े अफसर भी शामिल थे। जहां कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि कतर में होने वाले फुटबॉल वर्ल्ड कप में पाकिस्तान की फौज सिक्योरिटी असिस्टेंस देगी। हालांकि,अब तक कतर ने इस पर कुछ नहीं कहा है।

जहां एक ओर इस खुलासे के सामने आने के बाद पाकिस्तान में सियासी हलचल बढ़ गई तो वही दूसरी ओर “सीक्रेट आॅपरेशन” न्यूज पोर्टल समूह को एक महत्वपूर्ण व विश्वसनीय सूत्र ने इस दावे को लेकर बेहद चौंकाने वाली जानकारी देते हुए बताया कि इस कथित मीटिंग की रिपोर्ट पाकिस्तानी ऐजेंसी ISI के पूर्व डीजी रहे लेफ्टिनेंट जनरल फैज हामिद ने ही लीक करायी है,चूंकि,लेफ्टिनेंट जनरल फैज हामिद इस समय हाशिए पर है,और वे इमरान खान के बेहद करीबी भी है,क्योंकि फैज को ही लेकर पाकिस्तान में काफी बखेड़ा खड़ा हुआ था,जहां बाद में इमरान खान की कुर्सी भी इसी फैज की ही वजह से चली गई थी। फिलहाल,लेफ्टिनेंट जनरल फैज इस समय पाक फौज के बहावलपुर 31 कोर कमांडर के पद पर तैनात है। चूंकि इस कथित सीक्रेट मीटिंग की खुलासा करने वाली इमरान सरकार में पूर्व मंत्री रही शिरीन ने हीं किया है तो ऐसे में यह अपने आप ही साफ हो जाता है फैज,शिरीन और इमरान सब आपस में एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं,इसलिये यह साबित हो रहा है कि इस कथित मीटिंग की रिपोर्ट लेफ्टिनेंट जनरल फैज हामिद ने हीं लीक करायी है।

गौरतलब है कि खाड़ी देशों में तमाम ऐसे देश है जो कि फिलिस्तीन के मुद्दे को लेकर इजरायल को अभी तक मान्यता नहीं दिये है जिनमे प्रमुख रूप से पाकिस्तान भी शामिल है। लेकिन अब पर्दे के पीछे से पाकिस्तान और इजरायल के बीच बातचीत चल रही है जिसकी रिपोर्ट समय-समय पर सामने आते रही है। बता दे कि इससे पहले भी पाकिस्तान के कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी भी कई मौकों पर इजरायल के साथ बातचीत का समर्थन कर चुके हैं।

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