
सांकेतिक तस्वीर।
शियोल/टोक्यो। दुनिया में जारी जंगी तनातनी के बीच हाल ही में SEO की बैठक से जबसे रूसी राष्ट्रपति पुतिन लौटे है, जंग का माहौल पहले से कही अधिक तनावपूर्ण हो गया है। क्योंकि,पुतिन ने यूक्रेन के चार क्षेत्रों को रूसी क्षेत्र घोषित कर दिया जिसके बाद से ही पहले से ही खफां चल रहे अमेरिका और यूरोपीय देश रूस पर और भी भढ़क गए। जहां इसी बीच उत्तर कोरिया की तरफ से भी लगातार उकसावें वाली कार्यवाही की रिपोर्ट सामने आ रही है। बता दे कि पिछले दिनों उत्तर कोरिया की ओर से लॉन्च की गईं बैलिस्टिक मिसाइलें जापान के ऊपर से गुजरीं जिसके बाद अमेरिका, ब्रिटेन, भारत और फ्रांस जैसे देशों ने इस तरह की कार्रवाई के लिए कोरियाई देश की निंदा की है।
दरअसल,उत्तर कोरिया की मिसाइलों ने क्षेत्र में तनाव को बढ़ा दिया है। दक्षिण कोरियाई सुरक्षा अधिकारियों ने कहा कि पिछले दो हफ्तों में उत्तर कोरियाई मिसाइलों के लॉन्च के बाद तनाव बढ़ने के चलते अमेरिकी नौसेना का एक एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप अब कोरियाई प्रायद्वीप से पानी में आगे बढ़ रहा है। देश के राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, उत्तर कोरिया की ओर से दो छोटी-दूरी वाली बैलिस्टिक मिसाइलें लॉन्च किए जाने के बाद दक्षिण कोरिया की नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (NSC) ने गुरुवार को एक इमरजेंसी मीटिंग बुलाई। यह उत्तर कोरिया की ओर से 12 दिनों में इस तरह का छठा प्रक्षेपण था।
इतना ही नहीं एनएससी ने चेतावनी भी दी है कि उत्तर कोरिया के उकसावे को एक मजबूत प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ेगा। एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस रोनाल्ड रीगन और उसके स्ट्राइक ग्रुप की पूर्वी सागर (जापान सागर) में फिर से तैनाती को उत्तर कोरिया के लिए एक चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। साउथ कोरिया के जॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ ने बुधवार को कहा कि अमेरिकी कैरियर स्ट्राइक ग्रुप को जलमार्ग में दोबारा तैनात किया जाएगा। उन्होंने इसे ‘असामान्य कदम’ बताया जो ‘उत्तर कोरिया के किसी भी उकसावे या खतरे का करारा जवाब देने के लिए दक्षिण कोरिया-अमेरिका गठबंधन की दृढ़ इच्छा का प्रदर्शन करता है। बुधवार को उत्तर कोरिया के मिसाइल लॉन्च पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भी चर्चा हुई।
वहीं,रीगन की गतिविधियों पर दक्षिण कोरिया के बयान के बारे में पूछे जाने पर यूएस 7वें फ्लीट के प्रवक्ता ने सीएनएन को बताया, ‘रोनाल्ड रीगन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप मौजूदा समय में जापान सागर में कार्यरत है।’ नौसेना ने इसके भविष्य के अभियानों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। यूएस नेवी स्ट्राइक ग्रुप की गतिविधियों पर दक्षिण कोरिया के बयान ने उत्तर कोरिया को भड़का दिया है। उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय की ओर से पोस्ट किए गए एक बयान में कहा गया, कि ‘उत्तर कोरिया देख रहा है कि अमेरिका कोरियाई प्रायद्वीप के पानी में कैरियर टास्क फोर्स को फिर से तैनात करके कोरियाई प्रायद्वीप में और उसके आसपास के क्षेत्र में स्थिरता के लिए एक गंभीर खतरा पैदा कर रहा है।’
बता दे कि रोनाल्ड रीगन एयरक्राफ्ट कैरियर परमाणु हथियारों से लैस है। इस पर अमेरिका के सबसे आधुनिक कहे जाने वाले एफ-35 बी फाइटर जेट तैनात हैं। अमेरिका का यह शक्तिशाली एयरक्राफ्ट कैरियर परमाणु ऊर्जा से चलता है और कई घातक मिसाइलों से लैस है। कैरियर स्ट्राइक ग्रुप फाइव के प्रमुख रोनाल्ड रीगन के पास 90 फिक्स्ड विंग एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टर की ताकत है।
उधर,जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने भी उत्तर कोरिया के मिसाइल लॉन्च को लेकर कहा कि कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकने वाला कदम है। जापान के रक्षा मंत्री यासुकाजु हमादा ने भी कहा था कि मिसाइल जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र में नहीं पहुंची। दक्षिण कोरिया की सेना का कहना है कि उसने सतर्कता बढ़ा दी है और अमेरिका के साथ मिलकर हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। अमेरिकी हिंद प्रशांत कमान ने कहा कि इन लॉन्च से अमेरिका या उसके सहयोगियों को तत्काल कोई खतरा नहीं है, लेकिन इसने उत्तर कोरिया के परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों के ‘संभावित प्रभावों’ को रेखांकित किया है।
गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से उतर कोरिया लगातार उकसावें वाली हरकतों को अंजाम देते हुए मिसाइले दाग रहा है। जहां दो दिन पहले ही जापान पर मिसाइल दाग दिया था। इस मिसाइल की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जापान में इमरजेंसी सायरन तक बज गया, इतना ही नहीं जापान में कई ट्रेन को भी रोक दिया गया तथा तत्काल एक हाई लेबल की मीटिंग भी की गई। अब ऐसे में माना जा रहा है कि अनायास ही उत्तर कोरिया का यह हरकत रूस-यूक्रेन जंग में लीड कर रहे अमेरिका को डायवर्ट करने वाला कदम भी हो सकता है।
