
सांकेतिक तस्वीर।
मॉस्को/लंदन। रूस-यूक्रेन जंग में अब नाटों सीधे तौर पर युद्ध में शामिल होता दीख रहा है। दरअसल,ब्रिटेन ने दावा किया है कि बीते 29 सितंबर को एक रूसी लड़ाकू विमान ने निहत्थे ब्रिटिश जासूसी विमान के पास मिसाइल दागी थी। उस समय ब्रिटिश जासूसी विमान काला सागर के ऊपर अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र में गश्त कर रहा था।
वहीं,इस घटना के बाद हाई जोन रिस्क वाले इलाकों में ब्रिटिश जासूसी विमानों के साथ लड़ाकू विमान भी गश्त कर रहे हैं। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि अगर फिर ऐसी घटना दोहराई जाती है तो इसकी जवाबी कार्रवाई से तीसरा विश्व युद्ध भड़क सकता है। हालांकि, रूस ने इस घटना को तकनीकी खामी करार दिया है और कहा है कि उनका इरादा ब्रिटिश विमान को नुकसान पहुंचाने का नहीं था।
इसी कड़ी में ब्रिटिश रक्षा मंत्री रक्षा मंत्री बेन वालेस के हवाले से गुरुवार को संसद में कहा गया कि एक रूसी लड़ाकू जेट ने 29 सितंबर को काला सागर के ऊपर अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र में गश्त कर रहे एक निहत्थे ब्रिटिश जासूसी विमान के पास एक मिसाइल दागी। उन्होंने सांसदों को बताया कि रूस ने इस घटना के लिए तकनीकी खराबी को जिम्मेदार ठहराया। ऐसे में ब्रिटिश जासूसी विमानों के साथ अब लड़ाकू विमान एस्कॉर्ट में जा रहे है। उन्होंने कहा कि घटना के बाद ब्रिटेन ने काला सागर इलाके में अपने पेट्रोलिंग को स्थगित कर दिया था। बता दे कि ब्रिटिश सरकार ने इस मामले को लेकर रूसी रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु के सामने चिंता व्यक्त की थी।
हालांकि,10 अक्टूबर को रूसी रक्षा मंत्री ने एक जवाब में कहा था कि उन्होंने इस घटना की परिस्थितियों की जांच की है। उन्होंने आगे भी कहा कि यह घटना सुखोई एसयू-27 लड़ाकू विमान में आई तकनीकी खराबी के कारण हुई थी। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि यह घटना अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र में हुई थी। उन्होंने कहा कि ब्रिटिश गश्ती विमानों को अब लड़ाकू विमान एस्कॉर्ट्स कर रहे हैं।
