
सांकेतिक तस्वीर।
नई दिल्ली/ईटानगर। अरुणाचल प्रदेश के सियांग जिले में एक दिन पहले हुए सैन्य हैलीकॉप्टर दुर्घटना में मारे गए पांचों सैन्य कर्मियों के शव बरामद कर लिये गए हैं। दरअसल,शुक्रवार की सुबह को इंडियन आर्मी के ईस्टर्न कमांड के एएलएच 2 पायलट समेत 5 सैन्यकर्मियों को लेकर नियमित उड़ान पर था,तभी वह करीब 10 बजकर 43 मिनट पर तुतिंग कस्बे से लगभग 25 किलोमीटर दूर मिगिंग गांव के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
जहां इस दौरान रक्षा प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल ए. एस. वालिया के हवाले से बताया गया कि चीन से लगती सीमा से लगभग 35 किलोमीटर दूर घने जंगल वाले पर्वतीय इलाके में मौजूद दुर्घटनास्थल से शुक्रवार शाम सेना के चार जवानों के शव बरामद किए गए थे। अधिकारी ने आगे यह भी कहा कि दुर्घटना के कारणों का अभी पता नहीं चला है और विस्तृत जानकारी हासिल की जा रही है।
लेकिन सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी मे यह कहा गया है कि दुर्घटनाग्रस्त होने से पहले सेना के उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर (ALH) से हवाई यातायात नियंत्रण (ATC) कक्ष को तकनीकी खराबी की सूचना भेजी गई थी। एक सूत्र ने यह भी कहा कि दुर्घटना से पहले हवाई यातायात नियंत्रण (एटीसी) कक्ष को तकनीकी या यांत्रिक खराबी के बारे में सूचित किया गया था।
जबकि उड़ान भरने के लिहाज से मौसम अच्छा था और पायलटों के पास इस तरह के हेलीकॉप्टर उड़ाने का संयुक्त रूप से 600 से अधिक घंटे का अनुभव भी था। गौरतलब है कि इस हेलीकॉप्टर को जून 2015 में सेना में शामिल किया गया था। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने भारतीय सेना के लिए यह हेलीकॉप्टर तैयार किया था। यह रुद्र मार्क IV के नाम से भी जाना जाता है।
इससे पहले इसी महीने के 5 अक्टूबर को भी सेना का एक हैलीकॉप्टर इसी तरह से क्रैश हो गया था। मतलब दो सप्ताह में दो सैन्य हैलीकॉप्टर दुर्घटना के शिकार बन गए,जो कि सेना के लिए बिल्कुल भी अच्छी खबर नहीं है।
