
हमलें के दौरान मरीन ड्रोन,फोटो साभार -(ट्वीटर से)
कीव/मॉस्को। बीते 30 अक्टूबर को यूक्रेन ने रूसी कब्जे वाले क्रीमिया के सेवस्तोपोल हार्बर पर रूस की ब्लैक सी फ्लीट पर मरीन-ड्रोन से बड़ा हमला किया था। जहां इस हमले में रूस का एक जंगी जहाज और सी-बैरियर को भारी नुकसान पहुंचा था। इस दौरान इस आॅपरेशन का एक विडियो भी सामने आया है जिसमें यह दिखाई दे रहा है कि इस हमले में रूस के एक युद्धपोत को नुकसान पहुंचता नजर आ रहा है। बता दे कि पहली बार दुनिया ने मरीन-ड्रोन के हमले को देखा है।
दरअसल, यूक्रेन ने एक स्पेशल ऑपरेशन के दौरान रुसी कब्जे वाले क्रीमिया के सेवस्तोपोल हार्बर पर रूस की ब्लैक सी फ्लीट पर मरीन-ड्रोन से बड़ा हमला किया था। इस हमले में रूस का एक जंगी जहाज और सी-बैरियर को भारी नुकसान पहुंचा था। अब इस मरीन-ड्रोन पर लगे कैमरे की फुटेज भी सामने आई है। इस वीडियो में अनमैन्ड-बोट (मरीन ड्रोन) समंदर में तेजी से एक युद्धपोत की तरफ बढ़ रही है। जहां इसी दौरान आसमान से रूसी हेलीकॉप्टर इस मरीन ड्रोन को रोकने के लिए इस पर गोलियों की बरसात कर रहा है। ये ड्रोन एक छोटी सी बोट के करीब से गुजरता है तो उस पर सवार एक नाविक डर के मारे समंदर में छलांग लगाता हुआ दिखाई पड़ता है।
बताया जा रहा है कि इस वीडियो को यूक्रेन के एक जर्नलिस्ट ने साझा किया है। इस बीच यह भी दावा किया जा रहा है कि इस वीडियो को क्रीमिया में केबल को हैक कर टीवी पर दिखाया गया है। यूक्रेन के हमले के बाद रूस के रक्षा मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा था कि ब्रिटेन की मदद से यूक्रेन ने 09 ड्रोन और 07 अनमैन्ड मेरीटाइम व्हीकल से ये हमला किया। ये हमला क्रीमिया के राजधानी सेवेस्तोपोल से सटे ब्लैक सागर में रूसी नौसेना के जंगी बेड़े और सिविल जहाज पर किया गया था। रूस का दावा है कि इस हमले से एक माइनस्वीपर (युद्धपोत) और एक फ्लोटिंग बैरियर को मामूली नुकसान हुआ है।
रूस का तो यहां तक दावा है कि ब्रिटेन और यूक्रेन के हवाई और समुद्री हमलों को नाकाम करते हुए सभी सात ड्रोन और चार अनमैन्ड मेरीटाइम व्हीकल (बोट) को रूसी नौसेना के युद्धपोत पर लगी एविएशन मिसाइल और दूसरे हथियारों से तबाह कर दिया गया था। जिसके बाद रूस ने यूक्रेन के हमलों को आतंकी कारवाई करते हुए अनाज संधि रद्द कर दी है। चूंकि,रूस का दावा है कि जिन रूसी युद्धपोतों पर ड्रोन अटैक किया गया वे सभी यूक्रेन ये निर्यात होने वाले अनाज के जहाजों को कॉरिडोर प्रदान कर रहे थे।
