
सांकेतिक तस्वीर।
नई दिल्ली/श्रीनगर। घाटी में दशकों से टारगेट किलिंग का दंश झेल रहे कश्मीरी पंडितों की जान एक बार फिर से आफत में पड़ती दीख रही है। दरअसल,एक रिपोर्ट दावा किया गया है कि कश्मीर घाटी में सरकारी विभागों में काम करने वाले 56 कश्मीरी पंडितों की सूची लीक हो गई है जो कि आतंकियों के हाथ लग गई है। जिसे आतंकी संगठन से जुड़े ब्लॉग पर शेयर किया जा रहा है और कश्मीरी पंडितों को धमकाया जा रहा है।
बता दे कि वर्ष 2010 से पीएम पुनर्वास पैकेज के तहत 5000 पंडितों की भर्ती की जा चुकी है। पहले से ही घाटी में निशाना बनाकर कश्मीरी पंडितों की हत्या की जा रही है। इस बीच पंडितों के इस सूची को लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े संगठन द रजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) के ब्लॉग लिंक पर साझा करने की रिपोर्ट सामने आई है जिससे पंडितों में हड़कंप मचा हुआ है।
दरअसल,इस लिस्ट में 56 कश्मीरी पंडितों के नाम हैं जो कि प्रधानमंत्री पुनर्वास पैकेज के तहत काम कर रहे हैं। टीआरएफ के ब्लॉग कश्मीर फाइट में कहा गया है कि कश्मीरी पंडितों के लिए जो 6 हजार फ्लैट बनाए जा रहे हैं, यह उन्हें बर्दाश्त नहीं हैं। वहीं,भाजपा प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने सूची के लीक होने को लेकर चिंता जताई है।
हालांकि,जम्मू-कश्मीर में आतंकियों को खत्म करने के लिए पुलिस और सेना की तरफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान एनकाउंटर में कई आतंकियों को ढेर भी किया गया। इस साल अक्टूबर तक 176 आतंकी मारे गए हैं। इनमें 126 लोकल आतंकी थे। जम्मू और कश्मीर में अभी कुल 134 एक्टिव आतंकी मौजूद हैं। इनमें से 83 विदेशी और 51 लोकल आतंकी हैं।
गौरतलब है कि इस साल अब तक 21 टारगेट किलिंग हो चुकी हैं। इनमें कश्मीरी पंडित, राज्य के बाहर से आए मजदूर और सरकारी कर्मचारी शामिल हैं। इस साल अलग-अलग आतंकी हमलों में 9 हिंदुओं की जान जा चुकी है। हद तो तब हो गई जब इस साल के जून में विभिन्न आतंकी संगठनों द्वारा आये दिन दिन इन कश्मीरी पंडितों को निशाना बनाया जाने लगा जिस वजह से घाटी से बड़े पैमाने पर ठीक उसी तरह से पंडित पलायन को मजबूर हुए जिस तरह से जब 90 के दशक में ऐसा हो रहा था। ऐसे में भले ही केंद्र सरकार घाटी में आतंकियों पर नकेल कसने का दावा करती हो लेकिन स्थिति अभी भी संवेदनशील है, जिस वजह से इन पंडितों पर अभी भी खतरा बरकरार है।
